आस्था और सेवा का अनूठा संगम: झिर्वी के ग्रामीणों ने पावागढ़ के पदयात्रियों की सेवा कर पेश की भक्ति की मिसाल
8 दिनों से चौबीसों घंटे जारी है सेवा, पानी, चाय और नाश्ते की व्यवस्था
Manawar, जिला धार। “सच्ची आराधना वही है जो मानवता के काम आए।” ईश्वर अपने भक्तों को समाज सेवा और परोपकार के माध्यम से ही कल्याण का मार्ग दिखाते हैं। ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य इन दिनों मनावर क्षेत्र के ग्राम झिर्वी और आसपास के मार्गों पर देखने को मिल रहा है।
पावागढ़ से लौट रहे पदयात्रियों के लिए खुले दिल से सेवा
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर मां भगवती की आराधना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसिद्ध शक्तिपीठ पावागढ़ (गुजरात) से अखंड ज्योत लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर लौट रहे हैं। इन भक्तों की कठिन यात्रा को आसान बनाने के लिए झिर्वी और मार्ग में आने वाले गांव के ग्रामीणों ने सेवा का संकल्प लिया है।

शीतल जल, चाय और नाश्ते की व्यवस्था
पिछले 8 दिनों से ग्रामीण चौबीसों घंटे मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं। यात्रियों के लिए:
- शुद्ध और शीतल जल की व्यवस्था की जा रही है।
- गर्मागर्म चाय और पौष्टिक नाश्ते का प्रबंध किया गया है।
- आराम करने और थकान मिटाने के लिए विशेष स्थान बनाए गए हैं।
जनसहयोग से चल रहा सेवा का महायज्ञ
यह पूरी सेवा ग्रामीणों के आपसी सहयोग से संचालित हो रही है।
(कौशिक पंडित, कुशाग्र समाचार सेवा)
