—Advertisement—

मां आशापुरी धाम में अभिषेक और शतचंडी महायज्ञ से होगा नवरात्रि का शुभारंभ

Author Picture
Published On: 9 October 2026
fdsssssssssssssssssssss

—Advertisement—

मां आशापुरी धाम में अभिषेक और शतचंडी महायज्ञ से होगा नवरात्रि का शुभारंभ

रिपोर्टर: गौतम साल्वे, जिला ब्यूरो चीफ

महेश्वर। ग्राम आशापुर स्थित मां आशापुरी धाम में रविवार से नौ दिवसीय नवरात्रि पर्व का शुभारंभ होगा। इंदौर से करीब 80 किलोमीटर दूर विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में स्थित इस सिद्धपीठ पर तड़के तीन बजे विशेष अभिषेक और पूजन किया जाएगा। इसके साथ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शतचंडी महायज्ञ में आहुतियां दी जाएंगी। नवरात्रि के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक खिचड़ी प्रसादी का वितरण होगा। धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन परंपराओं से जुड़ा यह धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

तड़के तीन बजे विशेष अभिषेक और पूजन

नवरात्रि के प्रथम दिन मां आशापुरी का विशेष अभिषेक और पूजन तड़के तीन बजे से होगा। इसी धार्मिक अनुष्ठान के साथ धाम में शक्ति आराधना के नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी। मंदिर परिसर में शतचंडी महायज्ञ भी आयोजित किया जाएगा।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां दी जाएंगी। नवरात्रि के दिनों में धाम का वातावरण मां के जयकारों और यज्ञ के मंत्रों से भक्तिमय रहता है। दर्शन, पूजन और महायज्ञ इस पर्व के प्रमुख धार्मिक आयोजन रहेंगे। श्रद्धालु मां आशापुरी के दर्शन कर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे।

सुबह सात से शाम पांच बजे तक खिचड़ी प्रसादी

धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन खिचड़ी प्रसादी वितरित की जाएगी। प्रसादी वितरण का समय सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है। इस अवधि में निरंतर वितरण किया जाएगा।

मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर सकेंगे। नौ दिवसीय पर्व के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रसादी वितरण भी आयोजन का हिस्सा रहेगा। धाम में पूरे वर्ष श्रद्धालु आते हैं, जबकि नवरात्रि में मां की आराधना और महायज्ञ के कारण धार्मिक गतिविधियों का विशेष महत्व रहता है।

अर्जुन की तपस्या से जुड़ी पौराणिक मान्यता

मां आशापुरी धाम के संबंध में प्रचलित पौराणिक कथा इसे महाभारत काल से जोड़ती है। मान्यता के अनुसार, पांडुपुत्र अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण के परामर्श पर महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त करने के उद्देश्य से इसी स्थान पर कठोर तपस्या की थी।

कथा के अनुसार, अर्जुन की तपस्या से प्रसन्न होकर मां आशापुरी स्वयंभू रूप में प्रकट हुई थीं। यह प्रसंग धाम से जुड़ी धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रद्धालु इस मान्यता के साथ मां के दर्शन और आराधना करते हैं। अर्जुन की तपस्या का यह विवरण पौराणिक परंपरा के रूप में बताया जाता है।

दिन में तीन रूपों में दर्शन की मान्यता

धाम की विशेषताओं में मां के दिन में तीन अलग-अलग रूपों में दर्शन देने की धार्मिक मान्यता भी शामिल है। श्रद्धालु इसे मां आशापुरी की महिमा से जोड़कर देखते हैं। मुख्य प्रतिमा के साथ मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी विराजित हैं।

यहां महाकाली, महासरस्वती, महालक्ष्मी, भगवान श्री गणेश और सप्तमातृका की प्रतिमाएं स्थापित हैं। दोनों ओर भगवान शिव तथा भैरव जी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। इस प्रकार मंदिर में मां आशापुरी के दर्शन के साथ श्रद्धालु अन्य देवी-देवताओं की आराधना भी करते हैं।

विभिन्न वंशों और गोत्रों की कुलदेवी

धाम से जुड़ी परंपराओं के अनुसार, मां आशापुरी मांडव के प्रसिद्ध वीर आल्हा-ऊदल तथा ओंकारेश्वर के राजा मांधाता के वंशजों की आराध्य देवी रही हैं। सम्राट पृथ्वीराज चौहान के वंशजों सहित 28 अलग-अलग गोत्रों की कुलदेवी के रूप में भी उनकी पूजा की जाती है।

इन परंपराओं के कारण धाम का संबंध विभिन्न परिवारों की कुलदेवी आराधना से जुड़ा है। मां आशापुरी के प्रति श्रद्धा रखने वाले परिवार यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के अवसर पर शक्ति उपासना के साथ इन पारिवारिक धार्मिक परंपराओं का भी विशेष महत्व रहता है।

जीर्णोद्धार और मंगलवार की महाआरती

प्राप्त विवरण में शिलालेखों के आधार पर मंदिर का पहला जीर्णोद्धार लगभग 800 वर्ष पूर्व बताया गया है। इसके बाद वर्ष 2012 से 2014 के दौरान संत मोनीबाबा के सान्निध्य में मंदिर का द्वितीय भव्य जीर्णोद्धार कराया गया।

धाम में प्रत्येक मंगलवार को विशेष महाआरती होती है। पूरे वर्ष दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बीच नवरात्रि पर्व का अलग महत्व है। इस बार भी विशेष अभिषेक, पूजन, शतचंडी महायज्ञ और खिचड़ी प्रसादी वितरण के साथ नौ दिवसीय आराधना होगी। मां आशापुरी धाम में धार्मिक परंपराओं के अनुरूप शक्ति उपासना का पर्व मनाया जाएगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp