पुरानी रंजिश में तलवार से जानलेवा हमला: धरमपुरी पुलिस ने आरोपी रघु उर्फ रघुवीर सिंह को पगारा फाटे से दबोचा, तलवार जब्त
मनावर थाने में पहले से दर्ज हैं दो अपराध
धार। पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति पर तलवार से जानलेवा हमला करने के मामले में धरमपुरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई धारदार तलवार भी जब्त की है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
6 अक्टूबर को दुकान से जाते समय हुआ हमला
पुलिस के अनुसार, 6 अक्टूबर को फरियादी ने थाना धरमपुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपनी किराना दुकान से समधी अमीचंद जायसवाल के घर जा रहा था। इसी दौरान जुनी उमरिया में मिथुन की पंचर दुकान के पास आरोपी रघु उर्फ रघुवीर सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते जान से मारने की नीयत से तलवार से उसके सिर पर 5–6 वार किए। हमले में फरियादी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा।
बीएनएस की धारा 109(1) में प्रकरण दर्ज
फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 332/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विशेष पुलिस टीम ने पगारा फाटे से किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार (दक्षिण) विजय डावर और एसडीओपी मनावर दिपांशु के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी धरमपुरी निरीक्षक सरदारसिंह सोलंकी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रघु उर्फ रघुवीर सिंह (39), पिता दादूसिंह, निवासी बड़दा थाना मनावर, हाल मुकाम उमरिया थाना धरमपुरी को पगारा फाटे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त धारदार तलवार भी जब्त की।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं दो मामले
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के विरुद्ध थाना मनावर में पहले से दो अपराध पंजीबद्ध हैं। इनमें वर्ष 2021 का अपराध क्रमांक 491/2021 और वर्ष 2022 का अपराध क्रमांक 1052/2022 शामिल हैं।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहा:
- थाना प्रभारी निरीक्षक सरदारसिंह सोलंकी
- उपनिरीक्षक कमल दवाने
- प्रधान आरक्षक वेस्ता सोलिया
- प्रधान आरक्षक इंदरसिंह मकवाना
- प्रधान आरक्षक महेश पवार
- आरक्षक लक्ष्मण जमरा
- आरक्षक संजेश
