—Advertisement—

Damoh: बिजोरी की प्राथमिक शाला में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, पानी और शौचालय के लिए परेशान विद्यार्थी

Author Picture
Published On: 9 October 2026
Damoh

—Advertisement—

Damoh: बिजोरी की प्राथमिक शाला में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, पानी और शौचालय के लिए परेशान विद्यार्थी

दैनिक स्वराज वाणी,
कोमल अहिरवार (जिला ब्यूरो चीफ)

स्कूल भवन के आसपास भरे पानी और झाड़ियों से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल, ग्रामीणों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की; जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच कराने का आश्वासन दिया

Damoh। मध्य प्रदेश के दमोह तहसील अंतर्गत ग्राम बिजोरी की प्राथमिक शाला में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों के अनुसार, स्कूल में पेयजल, शौचालय और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। इन समस्याओं के कारण बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

स्कूल भवन के आसपास सुरक्षा का खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक, प्राथमिक शाला के पास पानी से भरा एक गहरा गड्ढा है, जिससे छोटे बच्चों के उसमें गिरने का खतरा बना रहता है। आसपास जमा पानी के कारण मच्छरों की समस्या भी बताई गई है। इसके अलावा, स्कूल परिसर के चारों ओर घास और कांटेदार झाड़ियां उगी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन परिस्थितियों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।

अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए स्कूल परिसर की साफ-सफाई कराने, झाड़ियों को हटाने और पानी से भरे गड्ढे के आसपास सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।

पेयजल और शौचालय की सुविधा नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों और विद्यार्थियों के अनुसार, स्कूल में पीने के पानी और शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि स्कूल में लगे पेयजल नल और शौचालय को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इसके कारण बच्चों को पानी पीने के लिए स्कूल से दूर स्थित माता मंदिर तक जाना पड़ता है। वहीं, शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को स्कूल के बाहर जाना पड़ता है।

प्राथमिक स्तर पर पढ़ने वाले बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित शौचालय की सुविधा बेहद जरूरी है। ऐसे में ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से इन व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े।

मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल

ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन को लेकर भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि विद्यार्थियों को भोजन के नाम पर कभी-कभी एक या दो सूखी रोटियां ही दी जाती हैं। यदि यह शिकायत सही पाई जाती है, तो यह बच्चों के पोषण और सरकारी मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन से जुड़ा गंभीर विषय है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और नियमित वितरण की जांच कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन मिल सके।

शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई पर उठाए सवाल

ग्रामवासियों ने स्कूल में शिक्षण व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कराने के लिए स्कूल आते हैं और इसके बाद चले जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने लंबे समय से पदस्थ शिक्षक धर्मेंद्र दुबे और अन्य संबंधित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक धर्मेंद्र दुबे के राजनीतिक संबंधों के कारण शिकायत करने में लोग हिचकिचाते हैं और शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हो पाती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित शिक्षक और अन्य कर्मचारियों का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन

मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल बैठक में हैं। उन्होंने संबंधित समस्याओं की जानकारी अपने व्हाट्सऐप नंबर पर भेजने को कहा और आश्वासन दिया कि मामले की जल्द जांच कराई जाएगी।

अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन बिजोरी की प्राथमिक शाला में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, भवन के आसपास सुरक्षा और मध्यान्ह भोजन से जुड़ी शिकायतों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं।

बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शिक्षा का इंतजार

प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है। ऐसे में स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासनिक जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि ग्राम बिजोरी के विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp