Tikamgarh का ऐतिहासिक पचेर किला बनेगा हेरिटेज टूरिज्म का केंद्र, पर्यटन बोर्ड को भेजा जाएगा प्रस्ताव
खूब चन्द्र लोधी
संवाददाता
दैनिक स्वराज वाणी
धसान नदी के किनारे स्थित 4-5 एकड़ में फैले किले को पर्यटन से जोड़ने की पहल, निजी निवेश से रोजगार और स्थानीय कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा
Tikamgarh । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रशासन ने पहल की है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बल्देवगढ़ से लगभग 25 किलोमीटर दूर धसान नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक पचेर किले को हेरिटेज टूरिज्म के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशने की बात कही है। इसके लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को प्रस्ताव भेजा जा रहा है, ताकि पर्यटन नीति के अंतर्गत निजी निवेश के माध्यम से किले के विकास की संभावनाओं पर विचार किया जा सके।
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने हाल ही में पचेर किले का भ्रमण किया था। इस दौरान उन्होंने किले की ऐतिहासिक महत्ता, स्थापत्य और आसपास के प्राकृतिक परिवेश का जायजा लिया। लगभग 4 से 5 एकड़ क्षेत्र में फैला यह किला कभी महत्वपूर्ण सुरक्षा चौकी के रूप में उपयोग किया जाता था। इसकी प्राचीन दीवारें, बुर्ज और परकोटे आज भी इसके गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करते हैं। किले का संबंध वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से भी बताया जाता है।
धसान नदी का प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाएगा पर्यटन की संभावनाएं
पचेर किले की खासियत इसका ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक परिवेश है। धसान नदी के किनारे स्थित होने के कारण यहां का वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो से क्षेत्र की निकटता को भी पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि किले को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाता है, तो इसे बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं, निवेश और पर्यटन गतिविधियों से संबंधित पहलुओं पर विस्तृत योजना तैयार करना आवश्यक होगा।
राजस्थान की तर्ज पर हेरिटेज टूरिज्म विकसित करने की योजना
कलेक्टर श्रोत्रिय ने बताया कि राजस्थान में कई पुराने किलों और महलों को हेरिटेज होटल, विवाह समारोह स्थलों और पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इससे वहां पर्यटन आधारित कारोबार को बढ़ावा मिला है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बने हैं।
इसी तर्ज पर बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहरों को भी पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। पचेर किले को विकसित करने का प्रस्ताव इसी दिशा में एक पहल है। पर्यटन बोर्ड के माध्यम से किले के विकास के लिए उपयुक्त मॉडल और निजी निवेश की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

स्थानीय युवाओं को मिल सकते हैं रोजगार के अवसर
ऐतिहासिक स्थलों के आसपास पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से केवल पर्यटकों की आवाजाही ही नहीं बढ़ती, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल सकता है। यदि पचेर किले को हेरिटेज टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाता है, तो होटल संचालन, हाउसकीपिंग, सुरक्षा, पर्यटक गाइड और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
इसके अलावा, स्थानीय किसानों को फल, सब्जियां, दूध और फूलों की आपूर्ति के लिए नया बाजार मिल सकता है। टेंट, कैटरिंग, सजावट, फोटोग्राफी, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे दुकानदारों को भी पर्यटन से जुड़े कारोबार का लाभ मिलने की संभावना है।
सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं को मिल सकती है गति
कलेक्टर के अनुसार, जब किसी ऐतिहासिक भवन को निजी निवेश के माध्यम से हेरिटेज होटल या पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाता है, तो उसका प्रभाव आसपास के क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सड़क, बिजली, पानी और अन्य आधारभूत सुविधाओं में सुधार की जरूरत होती है। इससे स्थानीय क्षेत्र के विकास को भी गति मिल सकती है।
हालांकि, पचेर किले के विकास की वास्तविक दिशा और स्वरूप पर्यटन बोर्ड के प्रस्ताव पर विचार, आवश्यक अनुमतियों, संरक्षण संबंधी जरूरतों और निवेश की संभावनाओं के आधार पर तय होगा।
पर्यटन बोर्ड को भेजा जा रहा प्रस्ताव
पचेर किले को पर्यटन विकास से जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके माध्यम से प्रचलित पर्यटन नीति के अंतर्गत निजी निवेशकों की भागीदारी की संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
यदि योजना आगे बढ़ती है, तो पचेर किला टीकमगढ़ और बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान दिलाने में भूमिका निभा सकता है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय रोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं भी बन सकती हैं। फिलहाल, किले को हेरिटेज टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना प्रस्ताव और संभावनाओं के चरण में है।
