इंदौर में RE-2 रोड पर फिर रिमूवल कार्रवाई, 130 बाधक निर्माण हटाने के लिए पहुँचा निगम अमला
इंदौर। बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच RE-2 रोड के अधूरे हिस्से का निर्माण आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को फिर रिमूवल कार्रवाई शुरू की। सड़क निर्माण में बाधक बचे लगभग 130 मकानों और अन्य निर्माणों को हटाने के लिए टीम मौके पर पहुँची। पिछली कार्रवाई के दौरान हुए पथराव को देखते हुए इस बार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में निगम का अमला निर्माण हटाने में जुटा रहा।
अधूरे सड़क मार्ग की बाधाएँ हटाने पर जोर
RE-2 यानी रिंग रोड ईस्ट-2 परियोजना के इस हिस्से में बाधक निर्माण होने के कारण सड़क का काम पूरा नहीं हो पाया था। प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य इन निर्माणों को हटाकर सड़क निर्माण के लिए जगह उपलब्ध कराना है।
बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच लगभग एक किलोमीटर हिस्सा अधूरा होने की जानकारी पहले सामने आई थी। इसी हिस्से के आसपास बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर में छह अक्टूबर को भी कार्रवाई की गई थी।
निगमायुक्त और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
कार्रवाई के दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल मौके पर पहुँचे। अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर और एसडीएम घनश्याम धनगर की मौजूदगी में भी टीम ने काम किया। पुलिस बल की तैनाती के साथ अधिकारियों ने कार्रवाई की निगरानी की।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क के लिए चिह्नित बाधक हिस्सों को हटाया गया। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने के समय प्रकाशित जानकारी और बाद की रिपोर्टों में काम की स्थिति अलग-अलग बताई गई है। शुरुआती रिपोर्ट में निर्माण हटाने का काम जारी था, जबकि बाद की एक रिपोर्ट में बचे 130 निर्माण हटा दिए जाने की जानकारी दी गई।
मशीनों और श्रमिकों के साथ पहुँची टीम
प्रकाशित जानकारी के अनुसार, निगम का रिमूवल अमला आठ जेसीबी और सौ से अधिक श्रमिकों के साथ मौके पर पहुँचा। मकानों में रहने वाले लोगों को गृहस्थी का सामान निकालने के लिए समय दिए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
शुक्रवार की कार्रवाई में शिव नगर के बाधक निर्माण हटाए गए। सड़क परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में पहले भी निर्माण हटाने की कार्रवाई हो चुकी है। अब शेष बाधाएँ हटने के बाद संबंधित हिस्से में सड़क निर्माण आगे बढ़ने की उम्मीद है।
पिछली घटना के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
छह अक्टूबर की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया था। इसके बाद रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव होने की घटना सामने आई थी। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए भीड़ को हटाया।
इस घटनाक्रम के बाद शुक्रवार की कार्रवाई में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और कार्रवाई के दौरान दोबारा विवाद की स्थिति से बचना था। शुक्रवार के अभियान में नई पथराव की घटना की जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दी गई है।
प्रभावित परिवारों के आवास पर निगमायुक्त का बयान
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सड़क निर्माण से प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जा चुके हैं। उनके अनुसार, इसके बावजूद पुराने मकान खाली नहीं किए गए थे, जिन्हें अब हटाया गया है।
यह आवास उपलब्ध कराने की स्थिति पर निगमायुक्त का बयान है। उपलब्ध खबर में प्रत्येक प्रभावित परिवार के आवंटन और कब्जे का अलग विवरण शामिल नहीं है।
सड़क निर्माण की अगली प्रगति पर नजर
बाधक निर्माण हटने के बाद अब सड़क के अधूरे हिस्से का काम महत्वपूर्ण होगा। स्थानीय आवागमन में सुधार की वास्तविक स्थिति निर्माण पूरा होने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इस हिस्से के निर्माण की अंतिम समय-सीमा नहीं बताई गई है।
