Ratlam News: रिश्वत के तीन मामलों में तीन पटवारी निलंबित, कलेक्टर ने अभियोजन स्वीकृति के बाद की कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की ट्रैप कार्रवाई से जुड़े मामलों में प्रशासन सख्त, स्वामित्व योजना और राजस्व कार्यों में लापरवाही पर भी जारी है कार्रवाई
Ratlam , 9 अक्टूबर। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती तेज हो गई है। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने रिश्वत से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में तीन पटवारियों को निलंबित कर दिया है। लोकायुक्त पुलिस उज्जैन द्वारा दर्ज प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति जारी होने के बाद यह कार्रवाई की गई। निलंबित पटवारियों पर शासकीय कार्यों के बदले रिश्वत मांगने और अवैध राशि लेने के आरोप हैं। हालांकि, इन मामलों में आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
तीन पटवारियों पर हुई कार्रवाई
निलंबित किए गए पटवारियों में रमेश बैरागी, प्रभुकुमार गरवाल और प्रवीण कुमार जैन शामिल हैं। तीनों के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने शिकायतों के आधार पर ट्रैप कार्रवाई की थी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए थे।
1. रमेश बैरागी पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
रमेश बैरागी रतलाम ग्रामीण तहसील के टप्पा नामली अंतर्गत ग्राम पंचेड़ में पटवारी हल्का क्रमांक 5 पर पदस्थ थे। उनके विरुद्ध ग्राम पंचेड़ निवासी गोपाल उपाध्याय ने शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, भूमि सीमांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और संबंधित शासकीय कार्य के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। इसमें 40 हजार रुपये रिश्वत के रूप में प्राप्त करने का आरोप है। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किया था।
2. प्रभुकुमार गरवाल पर चार हजार रुपये मांगने का आरोप
प्रभुकुमार गरवाल तहसील ताल के ग्राम किटखेड़ी में पटवारी हल्का क्रमांक 24 पर पदस्थ थे। उनके विरुद्ध किशनलाल आंजना ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके पिता की भूमि के सीमांकन की रिपोर्ट और पंचनामा उपलब्ध कराने सहित संबंधित शासकीय कार्य के लिए चार हजार रुपये की मांग की गई थी। लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने 14 मई 2025 को इस मामले में ट्रैप कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किया था।
3. प्रवीण कुमार जैन पर छह हजार रुपये मांगने का आरोप
प्रवीण कुमार जैन जावरा तहसील के ग्राम खेड़ाखेड़ी में पटवारी हल्का क्रमांक 28 पर पदस्थ थे। उनके विरुद्ध जावरा निवासी शामू बाई बलाई ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, ग्राम बामनखेड़ी स्थित भूमि के डायवर्जन संबंधी कार्रवाई के सिलसिले में संपर्क करने पर छह हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कार्रवाई कर मामला दर्ज किया था।

नियमों के तहत जारी किए गए निलंबन आदेश
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तीनों मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी करने के बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित पटवारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, यह कदम निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। संबंधित मामलों में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही होगी।
राजस्व अमले पर लगातार बढ़ रही सख्ती
रतलाम जिले में पटवारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। स्वामित्व योजना और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों में लापरवाही तथा अपेक्षित प्रगति नहीं होने के मामलों में 12 पटवारियों को दीर्घ शास्ति के आरोप-पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, पांच परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं और कई अन्य पटवारियों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं।
प्रशासन की इन कार्रवाइयों से राजस्व विभाग के मैदानी अमले में सख्ती का संदेश गया है। अधिकारियों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और राजस्व संबंधी कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
संवाददाता: अर्जुन कुमावत बछोड़िया
