उज्जैन में साइबर सुरक्षा सेमिनार, 40 विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट और यूपीआई फ्रॉड से बचाव की जानकारी
उज्जैन। रीट एजुकेशन इंस्टिट्यूट में 8 अक्टूबर 2026 को शाम पांच बजे भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) के तत्वावधान में साइबर अपराधों से बचाव विषय पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त नगर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे तथा संभागीय अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा दुबे के नेतृत्व में लगभग 40 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में साइबर क्राइम, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी, यूपीआई फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर समय पर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया।
फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से सतर्क रहने का संदेश
सेमिनार में वक्ताओं ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को डराकर, झूठे कानूनी मामलों का भय दिखाकर और फर्जी कॉल तथा लिंक भेजकर ठगी करने का प्रयास करते हैं। डिजिटल भुगतान के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति की बात पर तुरंत विश्वास करने के बजाय सतर्कता बरतें। कार्यक्रम में ऑनलाइन ठगी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताते हुए व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
पंकज कुमार गैरा ने समझाए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के उपाय
डिजिटल क्रिएटर एवं साइबर एक्सपर्ट पंकज कुमार गैरा ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की कार्यप्रणाली और ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में बताया। उन्होंने संदिग्ध लिंक से बचने तथा ओटीपी और यूपीआई पिन गोपनीय रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने सुरक्षित व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
ठगी की आशंका पर बैंक और हेल्पलाइन से संपर्क की सलाह
प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्र दुबे ने साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जागरूकता को साइबर ठगी से बचाव का प्रभावी माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों से अनजान कॉल पर भरोसा नहीं करने का आग्रह किया।
उन्होंने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वालों के झांसे में नहीं आने की सलाह दी। ठगी की आशंका होने पर तत्काल संबंधित बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 से संपर्क करने की बात भी कही।
अतिथियों की सहभागिता, विशेषज्ञों का सम्मान
कार्यक्रम में लायंस क्लब सुर मंदिर के अध्यक्ष अनिल त्रिवेदी, हरि बल्लभ त्रिवेदी, रमेश रघुवंशी, श्री मिश्रा, यशपाल यादव और इंजीनियर मोहित शर्मा ने सहभागिता की। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की।
सेमिनार के दौरान पंकज कुमार गैरा और इंजीनियर मोहित शर्मा का माला पहनाकर स्वागत किया गया। दोनों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं की जागरूकता पर दिया जोर
ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में साइबर अपराधों को डिजिटल युग की गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने नागरिकों को अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देने तथा जनहित के विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाने को ट्रस्ट के उद्देश्यों में शामिल बताया। प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्र दुबे, संभागीय अध्यक्ष सुरेखा दुबे और टीम को बधाई देकर भविष्य में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने दिया संयुक्त संदेश
राष्ट्रीय संस्थापक श्रीमती मालती सुनील सिंह यादव, राष्ट्रीय सचिव शिवम तिवारी, राष्ट्रीय संयोजक डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती साधना सेठी, डॉ. हरीश शर्मा एवं रामवेश सिंह राजावत ने कार्यक्रम की सराहना की।
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष/चेयरमैन सुरेन्द्र प्रकाश यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा, युवा विंग राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा यादव, राष्ट्रीय विधिक सलाहकार इंद्रजीत सिंह चौहान, राष्ट्रीय मंत्री मनीष गुप्ता, राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर सुनील सेठिया, हेल्पलाइन प्रभारी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि युवराज सिंह राठौर तथा प्रदेश मीडिया प्रभारी जीवनलाल जैन चायवाले ने भी शुभकामनाएं दीं।
संयुक्त संदेश में विद्यार्थियों से परिवार और आसपास के लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया गया। अंत में संभागीय अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा दुबे ने अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
