गुणखेड़ में मतदाता सूची से नाम हटाने की शिकायत, पूर्व सरपंच और वर्तमान पंचों ने जांच की मांग की
रिपोर्टर – आशीष ठाकरे | आठनेर, बैतूल | 9 अक्टूबर 2026
बैतूल जिले की आठनेर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गुणखेड़ में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायत सामने आई है। पूर्व सरपंच रेशमा पति मणिराम उइके सहित संबंधित आवेदकों ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारणों की जांच करने और दस्तावेजों का सत्यापन कर नियमानुसार नाम पुनः जोड़ने की मांग की है।
शिकायत में ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 6 और वार्ड क्रमांक 10 के वर्तमान पंचों द्वारा भी मतदाता सूची को लेकर आपत्ति जताए जाने का उल्लेख है। आवेदकों का आरोप है कि उनके नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन बाद में हटा दिए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित निर्वाचन विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।
पूर्व सरपंच रेशमा उइके ने प्रस्तुत किया आवेदन
प्राप्त शिकायत के अनुसार, रेशमा पति मणिराम उइके ग्राम पंचायत गुणखेड़ की पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। उन्होंने अन्य संबंधित आवेदकों के साथ निर्वाचन अधिकारी को आवेदन देकर मतदाता सूची में नाम नहीं होने का विषय उठाया है। आवेदन के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि पूर्व में दर्ज नामों और वर्तमान सूची का मिलान करके स्थिति स्पष्ट की जाए।
आवेदकों का कहना है कि पहले सूची में नाम शामिल होने के बावजूद अब नाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने नाम हटाने की प्रक्रिया और उसके कारणों की जांच की मांग की है। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि नाम किस समय हटाए गए और इसके पीछे क्या कारण दर्ज किए गए थे।
वार्ड 6 और वार्ड 10 के वर्तमान पंचों ने भी जताई आपत्ति
मामला केवल पूर्व सरपंच की शिकायत तक सीमित नहीं है। शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 6 एवं वार्ड क्रमांक 10 के वर्तमान पंचों ने भी मतदाता सूची को लेकर आपत्ति जताई है। संबंधित आवेदकों ने निर्वाचन अधिकारी से उनके प्रकरणों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।
वर्तमान पंचों के नाम उपलब्ध विवरण में नहीं दिए गए हैं। साथ ही, शिकायत में शामिल कुल आवेदकों की संख्या भी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर पूर्व सरपंच और दोनों वार्डों के वर्तमान पंचों की आपत्ति का उल्लेख किया गया है।
दस्तावेज होने के बावजूद सूची में नाम नहीं होने पर सवाल
आवेदकों ने अपनी शिकायत में आधार कार्ड, राशन कार्ड और मतदाता परिचय पत्र जैसे दस्तावेज होने की बात कही है। उनका कहना है कि इन दस्तावेजों के बावजूद मतदाता सूची में नाम नहीं होने की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अभिलेखों और पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन करने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं की मांग है कि प्रत्येक संबंधित आवेदन को दस्तावेजों के आधार पर देखा जाए। यदि नाम हटाए गए हैं तो उनके कारणों की जांच की जाए और नियमानुसार नाम पुनः जोड़ने की कार्रवाई की जाए। दस्तावेजों के सत्यापन तथा निर्वाचन अभिलेखों की जांच के बाद ही प्रत्येक प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नाम हटाए जाने के कारणों की जांच की मांग
निर्वाचन अधिकारी को दिए गए आवेदन में नाम पुनः जोड़ने के साथ-साथ नाम हटाए जाने के कारणों की जांच पर भी जोर दिया गया है। आवेदक यह जानना चाहते हैं कि पहले दर्ज नाम बाद की सूची में क्यों नहीं हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर उनकी शिकायत का नियमानुसार निराकरण करने का अनुरोध किया है।
उपलब्ध शिकायत में किसी अधिकारी या कर्मचारी को नाम हटाने के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराए जाने का स्पष्ट विवरण नहीं है। इसलिए मामला फिलहाल मतदाता सूची संबंधी आपत्ति और जांच की मांग के रूप में सामने आया है।
निर्वाचन विभाग का पक्ष आने पर स्पष्ट होगी स्थिति
इस मामले में निर्वाचन विभाग की जांच और जवाब महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अभिलेखों के सत्यापन से स्पष्ट हो सकेगा कि आवेदकों के नाम पूर्व सूची में किस रूप में दर्ज थे और वर्तमान सूची में उनकी क्या स्थिति है। इसके बाद शिकायत पर नियमानुसार निर्णय लिया जा सकेगा।
फिलहाल नाम हटाए जाने संबंधी आरोप आवेदकों की शिकायत पर आधारित हैं। संबंधित विभाग का पक्ष और जांच का परिणाम उपलब्ध नहीं है। विभागीय प्रतिक्रिया सामने आने के बाद नाम हटाने के कारणों तथा नाम पुनः जोड़ने की मांग पर हुई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
