भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण जरूरी: देवीदास गांवड़े
‘सेवा से संकल्प’ अभियान के तहत बरखेड़ में हुआ श्रमदान
आठनेर। जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर के निर्देशन में ‘सेवा से संकल्प’ अभियान के अंतर्गत ग्राम बरखेड़ में बोरी बंधान कार्य किया गया। नवांकुर संस्था जागृति ग्राम विकास समिति बरखेड़ के तत्वावधान में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति ने ग्राम पंचायत बरखेड़ के सहयोग से नदी पर श्रमदान करते हुए 125 बोरियों का बोरी बंधान किया।
अल्प वर्षा के बीच जल स्रोतों को बचाने की पहल
इस वर्ष क्षेत्र में कम वर्षा होने के कारण कई जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे में ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास करते हुए नदी के बहाव को रोकने और वर्षा जल को अधिक समय तक संरक्षित रखने के उद्देश्य से बोरी बंधान किया। इस पहल से बारिश के पानी को रोकने के साथ-साथ भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी
नवांकुर संस्था जागृति ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष देवीदास गांवड़े ने कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण और जल संचयन को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा की प्रत्येक बूंद को सहेजने और उपलब्ध जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
छोटे सामूहिक प्रयासों से बड़े परिणाम संभव
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर की विकासखंड समन्वयक मधु चौहान ने कहा कि बोरी बंधान जैसे छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास वर्षा जल को रोकने, भू-जल स्तर बढ़ाने और स्थानीय जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से पूरे विकासखंड में प्रस्फुटन समितियों द्वारा जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प
बोरी बंधान कार्य के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने “आज बचाएंगे जल, तभी सुरक्षित रहेगा कल” का उद्घोष करते हुए श्रमदान किया। कार्यक्रम में प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष सुनील गावंडे, रामेश्वर कुंभारे, कमलेश सोनारे, मनीष इवने, रवि वरठी, जगतराम उइके, नितेश आडमचे, देवेंद्र गणेशे, संजय कंगाले, गुलाब सोनारे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन जल संरक्षण और जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।
