Harda में नवजात की मौत, बघेल अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, पिता ने दर्ज कराई शिकायत
जन्म के बाद बिगड़ी तबीयत, हरदा से इंदौर तक चला इलाज; परिजनों का आरोप, उपचार में हुई लापरवाही और देरी
Harda। शहर में एक नवजात की उपचार के दौरान मौत के मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नवजात के पिता विनोद कुमार जैन ने बघेल अस्पताल, हरदा के प्रबंधन और स्टाफ पर कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
2 अक्टूबर को हुआ था जन्म
शिकायत के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को विनोद कुमार जैन की पत्नी आकृति जैन ने बघेल अस्पताल, हरदा में एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि जन्म के कुछ दिन बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। शिकायत में बताया गया है कि 5 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे बघेल अस्पताल से बच्चे को यह कहते हुए छुट्टी दे दी गई कि उसका मल त्याग नहीं हो रहा है और उसे उचित उपचार के लिए कहीं और ले जाया जाए।
परिजनों के मुताबिक बच्चे की स्थिति को लेकर अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ से लगातार जानकारी मांगने के बावजूद उन्हें अपेक्षित जानकारी नहीं दी गई।
हरदा से इंदौर तक चला इलाज
इसके बाद परिवार बच्चे को शासकीय अस्पताल हरदा लेकर पहुंचा, जहां उसे भर्ती किया गया। स्थिति गंभीर होने पर बच्चे को तत्काल इंदौर रेफर किया गया और रात करीब ढाई बजे महात्मा गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, इंदौर में भर्ती कराया गया।
शिकायत के अनुसार 6 अक्टूबर को नवजात के पेट का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद मल त्याग से संबंधित दूसरी सर्जरी की तैयारी चल रही थी। इसी बीच 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:15 बजे नवजात की मौत हो गई।
परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
मौत के बाद परिजनों ने उपचार में कथित लापरवाही और देरी के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी आरोप है कि नवजात के शव को हरदा लाकर मुर्दाघर में रखा गया।
जांच के बाद साफ होगा कारण
पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। नवजात की मौत का वास्तविक कारण क्या रहा और उपचार के दौरान किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना भी अभी बाकी है।
राजकुमार मौर्य, हरदा सिटी रिपोर्टर, दैनिक स्वराज वाणी, हरदा
