भिलाई में 15 अक्टूबर से सजेगी ब्रह्माकुमारीज़ की चैतन्य देवियों की झांकी
नवरात्रि पर अंतर्दिशा भवन में नौ देवियों की लाइट एंड साउंड झांकी, रोज शाम 6:30 से रात 10 बजे तक दर्शन
भिलाई, 8 अक्टूबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सेक्टर 7 स्थित अंतर्दिशा भवन प्रांगण में गुरुवार, 15 अक्टूबर से नौ देवियों की भव्य चैतन्य झांकी सजाई जाएगी। लाइट एंड साउंड से सुसज्जित इस आलौकिक झांकी में पहाड़ों, गुफाओं और धरती के गर्भ से प्रकट होती चैतन्य देवियां जड़ मूर्ति के रूप में दिखाई देंगी। भक्तजन प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से रात 10 बजे तक दर्शन लाभ ले सकेंगे।
विश्व स्तर पर सेवारत संस्था का आयोजन
संस्था की ओर से बताया गया है कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय विश्व के 140 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं दे रही है। यह एकमात्र अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसका संचालन महिला नेतृत्व द्वारा किया जाता है। संस्था इस वर्ष अपने 90 वर्ष पूर्ण होने का नवदशकोत्सव मना रही है। इस अवसर पर निस्वार्थ और अथक सेवाओं की श्रृंखला के बीच यह झांकी विशेष आकर्षण रहेगी।
शिव शक्तियों के आह्वान का संदेश
भिलाई सेवाकेंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने बताया कि चारों ओर शक्तियों की स्थापना और पूजन से वातावरण सकारात्मक और शक्तिशाली रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सभी भक्तजन शिव शक्तियों का आह्वान कर अपने जीवन से बुराइयों, व्यर्थ विचारों और व्यसनों को समाप्त करने का संकल्प लेंगे, तो शक्तिशाली वातावरण के कारण परिवर्तन सहज ही होगा। उनके अनुसार नवरात्रि का यह पर्व आत्म-परिवर्तन का श्रेष्ठ अवसर है।

स्वयं देवी रूप धारण करती हैं बहनें
यह झांकी अपनी अनूठी प्रस्तुति और जीवन में सकारात्मकता के संचार के लिए जानी जाती है। इसमें ब्रह्माकुमारी बहनें स्वयं चैतन्य देवियों का रूप धारण करती हैं। संस्था के अनुसार गहन तपस्या और राजयोग की सतत साधना के कारण वे जड़ मूर्तियों के समान अचल और अडोल दिखाई देती हैं। श्रद्धालु इन चैतन्य देवियों के दर्शन से शांति और दिव्यता का अनुभव करते हैं। आयोजकों का कहना है कि इस आध्यात्मिक वातावरण में कुछ पल बिताने से लोगों को अलौकिक दिव्य अनुभूति होती है।
महाकुंभ और सिंहस्थ में हो चुका है प्रदर्शन
भिलाई ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चैतन्य देवियों की यह झांकी प्रयागराज महाकुंभ, उज्जैन सिंहस्थ कुंभ और कोटा में सफलतापूर्वक प्रदर्शित की जा चुकी है। संस्था के अनुसार वहां देश-विदेश से आए अनगिनत श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आयोजन की सराहना की।
श्रद्धालुओं के लिए जानकारी
- स्थान: अंतर्दिशा भवन प्रांगण, सेक्टर 7, भिलाई
- शुरुआत: गुरुवार, 15 अक्टूबर से
- दर्शन का समय: प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से रात 10 बजे तक
