सीहोर के रामगढ़ में ₹848.40 करोड़ की पर्यटन परियोजना का समझौता, गोल्फ कोर्स और लग्जरी होटल प्रस्तावित
भोपाल/सीहोर। मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से सातवें मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजन की शुरुआत की। कार्यक्रम में सीहोर जिले के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजना के लिए समझौता किया गया। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लग्जरी होटल विकसित करने की योजना है। परियोजना से लगभग 920 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने का अनुमान बताया गया है।
रामगढ़ की परियोजना में कई सुविधाएं शामिल
सीहोर की प्रस्तावित परियोजना के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता हुआ है। इसकी कुल प्रस्तावित निवेश राशि 848.40 करोड़ रुपये है। यह रकम केवल गोल्फ कोर्स के लिए नहीं, बल्कि गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लग्जरी होटल सहित पूरी परियोजना से संबंधित है।
इसलिए इसे अकेले गोल्फ कोर्स की निर्माण लागत बताना सही नहीं होगा। परियोजना में खेल, ठहरने और वेलनेस से जुड़ी सुविधाओं को एक साथ विकसित करने की योजना सामने आई है। निर्माण शुरू होने और पूरा होने की निश्चित समयसीमा उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
अन्य परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवार्ड
ट्रैवल मार्ट के दौरान 14 पर्यटन परियोजनाओं के लिए कुल 252 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ अवार्ड दिए जाने की जानकारी है। इनमें होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लग्जरी टेंट कैंप और इको-टूरिज्म इकाइयों जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा तीन प्रमुख पर्यटन मार्गों पर यात्रियों के लिए मार्ग सुविधा केंद्र विकसित करने की योजना भी बताई गई है। रामगढ़ की परियोजना और अन्य प्रस्तावों को मिलाकर आयोजन में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के पर्यटन निवेश की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
समझौता होने और निवेश पूरा होने में अंतर
एमओयू अथवा निवेश समझौता परियोजना को आगे बढ़ाने की सहमति दर्शाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरी घोषित राशि पहले ही खर्च हो चुकी है या सभी सुविधाएं तैयार हो गई हैं। इसी तरह लेटर ऑफ अवार्ड मिलना परियोजना पूरी होने का प्रमाण नहीं है।
आगे वास्तविक प्रगति का आकलन भूमि संबंधी प्रक्रिया, आवश्यक अनुमतियों, वित्तीय व्यवस्था और निर्माण की स्थिति से किया जा सकेगा। इसलिए घोषित राशि को प्रस्तावित निवेश के रूप में प्रस्तुत करना जरूरी है। परियोजनाओं का लाभ उनके क्रियान्वयन और संचालन के बाद अधिक स्पष्ट होगा।
देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों का मंच
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट राज्य की पर्यटन संभावनाओं को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन उद्योग तक पहुंचाने का मंच है। आधिकारिक परिचय के अनुसार, आयोजन में व्यापारिक बैठकें, प्रदर्शनी, उद्योग संबंधी चर्चाएं, निवेश संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होती हैं।
इन गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन सेवा प्रदाताओं, होटल कारोबारियों और यात्रा कंपनियों को संपर्क बनाने का अवसर मिलता है। राज्य के पर्यटन उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने और संभावित साझेदारियां विकसित करने के लिए ऐसी बातचीत उपयोगी हो सकती है।
विरासत से वेलनेस तक पर्यटन पर जोर
मार्ट में मध्य प्रदेश के पर्यटन की विविधता प्रदर्शित की जाती है। इसमें विश्व धरोहर स्थल, टाइगर रिजर्व, धार्मिक गंतव्य, ऐतिहासिक शहर और ग्रामीण अनुभव शामिल हैं। वेलनेस, साहसिक पर्यटन, फिल्म पर्यटन और सम्मेलन संबंधी सुविधाओं को भी मंच पर जगह मिलती है।
इससे अलग-अलग रुचि वाले पर्यटकों के लिए राज्य की संभावनाएं सामने आती हैं। पर्यटन कंपनियां इन अनुभवों को अपने यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने पर चर्चा कर सकती हैं। हालांकि, किसी बातचीत का वास्तविक कारोबार में बदलना संबंधित पक्षों की आगे की सहमति पर निर्भर करेगा।
स्थानीय रोजगार की संभावनाएं
रामगढ़ परियोजना से लगभग 920 प्रत्यक्ष रोजगार का अनुमान दिया गया है। यह अनुमान भविष्य में विकसित होने वाली सुविधाओं से संबंधित है; इसे अभी उपलब्ध नौकरियों की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।
परियोजना के संचालन से होटल सेवाओं, रखरखाव और अन्य सहायक गतिविधियों में अवसर बन सकते हैं। स्थानीय लोगों को कितना लाभ मिलेगा, यह भर्ती, प्रशिक्षण और सेवा संबंधी व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा। रोजगार के वास्तविक आंकड़े संचालन शुरू होने के बाद सामने आएंगे।
