दोपहर में CNG का टैंक जल्दी ‘फुल’ क्यों दिखता है? जानें तापमान का असर और भरवाने का बेहतर समय
नई दिल्ली। CNG वाहन चलाने वाले कई लोगों को अलग-अलग समय पर गैस भरवाने के दौरान मात्रा में अंतर दिखाई देता है। कभी सिलेंडर में ज्यादा गैस भर जाती है, तो कभी मशीन अपेक्षाकृत कम मात्रा भरने के बाद बंद हो जाती है। इसके पीछे बाहरी तापमान, सिलेंडर के अंदर गैस का तापमान और स्टेशन की भरने की व्यवस्था जैसे कारण हो सकते हैं। गर्म मौसम में समान दबाव पर सिलेंडर में अपेक्षाकृत कम गैस समा सकती है। हालांकि, केवल सुबह या शाम भरवाने से हर बार ज्यादा गैस मिलने की गारंटी नहीं है।
तापमान बढ़ने से कैसे बदलता है दबाव?
CNG का पूरा नाम कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस है। इसे वाहन के सिलेंडर में उच्च दबाव पर रखा जाता है। बंद सिलेंडर में गैस की मात्रा समान रहने पर तापमान बढ़ने से दबाव बढ़ सकता है। वहीं, समान दबाव और समान सिलेंडर आकार पर ठंडी गैस अपेक्षाकृत अधिक सघन रहती है।
इसी कारण गर्म और ठंडी परिस्थितियों में सिलेंडर के अंदर मौजूद गैस की मात्रा अलग हो सकती है। इसे समझने के लिए दबाव और गैस की वास्तविक मात्रा का अंतर ध्यान में रखना जरूरी है। दबाव का ऊंचा संकेत अपने आप में ज्यादा ईंधन होने का प्रमाण नहीं है।
दोपहर में मशीन जल्दी क्यों रुक सकती है?
CNG भरने की मशीन पेट्रोल की तरह तरल ईंधन के टैंक के ऊपरी स्तर तक पहुंचने पर बंद नहीं होती। उसका भरना निर्धारित दबाव और संबंधित नियंत्रण व्यवस्था पर निर्भर करता है। गर्म परिस्थितियों में गैस का दबाव तेजी से बढ़ने पर मशीन अपेक्षाकृत कम मात्रा भरने के बाद रुक सकती है।
इसलिए बोलचाल में टैंक ‘फुल’ होने का अर्थ हर बार बिल्कुल समान मात्रा भरना नहीं है। मशीन का बंद होना और वाहन के मीटर का फुल दिखना भी अलग संकेत हैं। केवल भरने में लगे समय से गैस की मात्रा का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
तेजी से भरने पर भी गैस गर्म होती है
सिर्फ दोपहर की गर्मी ही असर नहीं डालती। गैस तेजी से भरने की प्रक्रिया के दौरान भी सिलेंडर के भीतर तापमान बढ़ सकता है। कम समय में उत्पन्न गर्मी बाहर निकलने का पर्याप्त अवसर नहीं पाती। इससे दबाव और भरने वाली मात्रा प्रभावित हो सकती है।
भरने के बाद गैस ठंडी होने पर सिलेंडर का दबाव नीचे आ सकता है। ऐसे में मीटर के संकेत में बदलाव दिखाई देना अपने आप में गैस रिसाव का प्रमाण नहीं है। दबाव के संकेत को समझते समय तापमान में हुए बदलाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।
सुबह या शाम भरवाना कितना बेहतर?
इन वैज्ञानिक कारणों के आधार पर, गर्म मौसम में अपेक्षाकृत ठंडे समय पर गैस भरवाना कुछ परिस्थितियों में बेहतर भराव दे सकता है। सुबह जल्दी अथवा शाम को बाहरी तापमान कम होने पर ऐसा लाभ संभव है।
लेकिन घड़ी का समय अकेला निर्णायक नहीं है। यदि सिलेंडर पहले से गर्म है या स्टेशन की व्यवस्था अलग है, तो परिणाम बदल सकता है। कुछ डिस्पेंसर तापमान को ध्यान में रखकर भराव नियंत्रित करते हैं। इसलिए सुबह भरवाने से निश्चित अतिरिक्त किलो गैस मिलने का दावा सही नहीं होगा।
ज्यादा गैस और सस्ती गैस में अंतर समझें
भारत में CNG की कीमत सामान्यतः प्रति किलोग्राम बताई जाती है। इसलिए सिलेंडर में ज्यादा किलो गैस भरने पर भुगतान भी उसी मात्रा के अनुसार बढ़ता है। ठंडे समय में बेहतर भराव मिलने का मतलब अपने आप में प्रति किलो कीमत कम होना नहीं है।
मात्रा की तुलना करते समय बिल पर दर्ज किलो देखें। केवल कुल रकम या वाहन के फ्यूल मीटर की तुलना पर्याप्त नहीं है। पिछली बार सिलेंडर में कितनी गैस बची थी, यह अंतर भी नई भराई की मात्रा को प्रभावित करता है। बेहतर भराव और बेहतर माइलेज को एक ही बात नहीं मानना चाहिए।
अधिक भरवाने के लिए दबाव न बढ़वाएं
ज्यादा गैस भरवाने के लिए स्टेशन कर्मचारी से निर्धारित सीमा से अधिक दबाव डालने की मांग न करें। इंड्रप्रस्थ गैस लिमिटेड भी ग्राहकों को अनुमत अधिकतम दबाव से अधिक भराई न कराने की सलाह देता है।
गैस भरने से पहले इंजन बंद करें, यात्रियों को निर्धारित सुरक्षित स्थान पर उतारें और स्टेशन के निर्देशों का पालन करें। सिलेंडर के परीक्षण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध रखें। सुविधाजनक समय चुनने के साथ सुरक्षित भराई और बिल पर दर्ज मात्रा की जाँच सबसे उपयोगी कदम हैं।
