दिग्विजय सिंह की उज्जैन-अयोध्या पदयात्रा 20 अक्टूबर से, अमृता राय ने किया संकल्प का समर्थन
भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा शुरू करेंगे। ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की जानकारी उन्होंने पत्नी अमृता राय के साथ भोपाल में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में दी। यात्रा उज्जैन के महाकाल मंदिर से शुरू होकर ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। अमृता राय ने यात्रा के विचार का समर्थन करते हुए दिग्विजय सिंह के संकल्प और व्यक्तित्व पर अपनी बात रखी।
अमृता राय की टिप्पणी बनी चर्चा का विषय
आपके उपलब्ध कराए गए बंसल न्यूज के शीर्षक में अमृता राय की टिप्पणी का उल्लेख है कि दिग्विजय सिंह परिचय देते समय संभल जाएं, क्योंकि वह कुछ भी बोल सकती हैं। हालांकि, दिए गए अंश में इस बातचीत का पूरा विवरण या उसके पहले और बाद का संवाद मौजूद नहीं है।
इसलिए टिप्पणी को किसी नाराजगी, विवाद या व्यक्तिगत मतभेद से जोड़ना उचित नहीं होगा। उपलब्ध अन्य रिपोर्टों में अमृता राय द्वारा यात्रा का समर्थन करने और दिग्विजय सिंह की दृढ़ता की प्रशंसा करने की जानकारी सामने आती है। किसी छोटे संवाद का आशय समझने के लिए पूरी बातचीत का संदर्भ महत्वपूर्ण है।
संकल्पों को बताया सतपुड़ा जैसा अडिग
राज एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेसवार्ता में अमृता राय ने दिग्विजय सिंह को अपने संकल्पों में सतपुड़ा के समान अडिग बताया। उन्होंने उनके व्यक्तित्व को दृढ़ता से जोड़ते हुए यात्रा के उद्देश्य का समर्थन किया।
यह तुलना उनके संकल्प पर कायम रहने की विशेषता बताने के लिए की गई। अमृता ने यात्रा को लोगों के सामने सत्य रखने के प्रयास से जोड़ा। उनकी बात में प्रस्तावित पदयात्रा और उसके उद्देश्य के प्रति समर्थन दिखाई दिया।
महाकाल मंदिर से शुरू होगा सफर
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, पदयात्रा की शुरुआत 20 अक्टूबर 2026 को उज्जैन के महाकाल मंदिर से होगी। इसके बाद यात्रा ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर से होकर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचेगी।
दिग्विजय सिंह ने इसे जनजागरण यात्रा बताया है। उनके अनुसार, यह किसी धर्म, संप्रदाय या व्यक्ति के विरोध में नहीं होगी। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के पारदर्शी उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
दूरी को लेकर रिपोर्टों में अंतर
यात्रा की कुल दूरी अलग-अलग समाचार रिपोर्टों में अलग बताई गई है। नवभारत टाइम्स ने लगभग 930 किलोमीटर का उल्लेख किया है, जबकि दैनिक जागरण की खबर में 950 किलोमीटर की दूरी दी गई है।
दिग्विजय सिंह की वेबसाइट पर प्रकाशित प्रेस विज्ञप्ति में भी दोनों आंकड़ों का उल्लेख मिलता है। इसलिए अंतिम यात्रा कार्यक्रम की स्पष्ट पुष्टि तक इसे लगभग 930 से 950 किलोमीटर की प्रस्तावित पदयात्रा कहना अधिक उपयुक्त है। घोषित मार्ग और वास्तविक पड़ावों के अनुसार दूरी स्पष्ट होगी।
अमृता राय भी रहेंगी साथ
नवभारत टाइम्स के अनुसार, अमृता राय भी इस पदयात्रा में दिग्विजय सिंह के साथ रहेंगी। यात्रा के दौरान तिरंगा और धर्मध्वज लेकर चलने की जानकारी दी गई है। दिग्विजय सिंह ने धर्मध्वज को सनातन के मूल्यों और तिरंगे को देश की एकता का प्रतीक बताया।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित मार्ग में शाजापुर, सारंगपुर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर, चंदेरी और ओरछा जैसे स्थान शामिल हैं। आगे यात्रा उत्तरप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए अयोध्या पहुंचेगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही उठाने की घोषणा
प्रेसवार्ता में दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रक्रिया तथा धार्मिक दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाने की बात कही। उन्होंने पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग को यात्रा के उद्देश्य से जोड़ा।
ये आरोप और मांगें दिग्विजय सिंह की ओर से रखी गई हैं। इन्हें किसी अनियमितता की स्वतंत्र पुष्टि के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष इन मुद्दों पर अलग महत्व रखते हैं।
यात्रा से जुड़ने के लिए अभियान
दिग्विजय सिंह की वेबसाइट पर प्रकाशित विज्ञप्ति के अनुसार, यात्रा से जुड़ने के लिए पैम्फलेट, संपर्क नंबर और डिजिटल याचिका भी जारी की गई है। इसमें जनभागीदारी और घोषित मुद्दों पर समर्थन जुटाने का प्रयास बताया गया है।
फिलहाल यात्रा की शुरुआत 20 अक्टूबर को प्रस्तावित है। आगे के विस्तृत पड़ाव, कार्यक्रम और व्यवस्थाओं की जानकारी आयोजकों के अद्यतन विवरण से स्पष्ट होगी। अमृता राय की टिप्पणी के साथ यात्रा के उद्देश्य और उनके समर्थन का पूरा संदर्भ रखना खबर की सटीकता के लिए जरूरी है।
