मिलावट के खिलाफ पहली बार प्रदेशव्यापी अभियान, सितारा होटलों के किचन भी सील
एक माह में 1000 से ज्यादा प्रतिष्ठानों की जांच, 210 को नोटिस, 16 के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त
इंदौर। मिलावटी और दूषित खाद्य सामग्रियों के खिलाफ पहली बार इंदौर सहित पूरे प्रदेश में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन का अमला पहली बार सितारा होटलों तक भी पहुंचा, जहां किचन सील किए गए, खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई और भारी पेनल्टी लगाई गई। प्रदेश के नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन मनोज पुष्प ने कहा कि जनता को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले, यही विभाग का लक्ष्य है।
एक हजार से ज्यादा प्रतिष्ठानों की जांच
पिछले एक माह में इंदौर सहित पूरे प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट, क्लब और निजी स्कूलों के किचनों की जांच की गई। एक हजार से अधिक प्रतिष्ठानों में हुई इस जांच में जहां अनियमितताएं मिलीं, ऐसे 210 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। साथ ही 16 लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त किए गए।
नवरात्रि और दीपावली पर रहेगी सख्ती
पुष्प के अनुसार नवरात्रि और दीपावली को देखते हुए मिठाई, नमकीन, खाद्य तेल, दूध से बने उत्पाद, पेय पदार्थ, घी, मावा और पनीर की मांग बढ़ जाती है। इन खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा गया है कि वे अपने अधीनस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के माध्यम से सघन अभियान चलाएं, अधिक से अधिक निरीक्षण करें, मिलावट की आशंका वाले उत्पाद नष्ट कराएं और नमूने लें।
मोबाइल लैब और जनजागरूकता
प्रमुख बाजारों में मोबाइल टेस्टिंग लैब चलाई जा रही है, ताकि मौके पर ही प्राथमिक जांच हो सके। त्योहारों के दौरान जनजागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। रोजाना की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन भोपाल में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा बुलवाया जा रहा है।
इंदौर में लगातार बड़ी कार्रवाई
इंदौर में खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने लगातार बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने शहर की प्रमुख और प्रतिष्ठित होटलों की भी सख्ती से जांच की, जिसके बाद इन होटलों सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों ने गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए। एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध भी लगाया गया है।
कल भी दीप निशा गृह उद्योग, किशन चिप्स, आयुष बेकरी सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए नमूने लिए गए। इनमें से कई नमूनों को जांच के लिए भोपाल की राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
