नाना पाटेकर के निधन पर विराट और सचिन ने जताया दुख, अभिनय की विरासत को किया याद
नई दिल्ली। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर फिल्म जगत के साथ क्रिकेट जगत ने भी शोक व्यक्त किया है। गुरुवार, 8 अक्टूबर को गोवा में उनका निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में निधन की पुष्टि की। अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली संवाद अदायगी और विविध भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता को कलाकारों, खिलाड़ियों और राजनीतिक हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी।
विराट कोहली ने याद किया सिनेमा में योगदान
भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने अभिनेता को भारतीय सिनेमा की महान शख्सियत बताते हुए उनके काम और विरासत को याद किया। कोहली के संदेश का भाव था कि नाना पाटेकर का योगदान आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेगा।
विराट की श्रद्धांजलि में अभिनेता के लंबे करियर और दर्शकों पर उनके प्रभाव के प्रति सम्मान दिखाई दिया। उन्होंने नाना पाटेकर की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की। क्रिकेट जगत की ओर से आए इस संदेश ने उनके अभिनय के व्यापक प्रभाव को सामने रखा।
सचिन ने सादगी और ईमानदारी को किया याद
सचिन तेंदुलकर ने नाना पाटेकर को सरल और स्पष्टवादी बताया तथा उनके अभिनय में ईमानदारी याद की। उन्होंने परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
शिखर धवन और हर्षा भोगले ने दी श्रद्धांजलि
पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने भी अभिनेता के निधन पर शोक जताया। उन्होंने अपने संदेश में भारतीय सिनेमा के एक विशिष्ट कलाकार को खोने का दुख व्यक्त किया और कहा कि उनका काम आगे भी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने नाना पाटेकर की अभिनय क्षमता, मंच पर उनकी मौजूदगी और काम के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने स्क्रीन तथा रंगमंच पर अभिनेता की तीव्रता का उल्लेख करते हुए उनके निधन को दुखद बताया। इन प्रतिक्रियाओं में नाना के अभिनय और व्यक्तित्व के प्रति सम्मान झलका।
मराठी रंगमंच से बनाई फिल्मों में पहचान
नाना पाटेकर ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत मराठी रंगमंच से की थी। बाद में उन्होंने समानांतर सिनेमा और मुख्यधारा की फिल्मों में काम किया। रॉयटर्स के अनुसार, उनकी भूमिकाओं में गंभीरता और हास्य, दोनों रंग दिखाई दिए।
उनकी प्रभावशाली संवाद शैली और पर्दे पर सशक्त मौजूदगी ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। उन्होंने अपने करियर में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे कलाकारों के साथ भी काम किया। अलग-अलग तरह के पात्र निभाने की क्षमता उनके लंबे फिल्मी सफर की विशेषता रही।
यादगार फिल्मों और पुरस्कारों से समृद्ध रहा करियर
‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘सलाम बॉम्बे!’ जैसी फिल्मों में नाना पाटेकर के अभिनय को व्यापक पहचान मिली। हिंदी और मराठी फिल्मों में उनका करियर लगभग पांच दशकों तक फैला रहा। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ भी उनकी उल्लेखनीय फिल्मों में शामिल हैं। ‘परिंदा’ में निभाई गई भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने विविध किरदारों में अपनी अभिनय क्षमता दिखाई।
फिल्मी सहयोगियों ने साझा की यादें
अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर की आवाज, अभिनय की तीव्रता और हर भूमिका में दिखाई देने वाली ईमानदारी को याद किया। उन्होंने ‘वेलकम’ और ‘हाउसफुल 5’ में साथ काम करने के अनुभवों का उल्लेख किया।
रजनीकांत ने अपने मित्र को खोने पर दुख व्यक्त किया। परेश रावल ने उनकी स्पष्टता और प्रभावशाली व्यक्तित्व को याद किया। मनोज बाजपेयी ने कहा कि नाना का सफर फिल्मों में पहचान बनाने की उम्मीद लेकर आने वाले कलाकारों को प्रेरणा देता था।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी व्यक्त किया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ने उनके प्रभावशाली अभिनय और समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। प्रधानमंत्री ने हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को याद करते हुए परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति शोक व्यक्त किया।
