Nana Patekar के निधन पर PM मोदी समेत दिग्गज नेताओं ने जताया दुख, बोले- पीढ़ियां याद रखेंगी उनके किरदार
Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता के निधन से फिल्म जगत के साथ राजनीतिक गलियारों में भी शोक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता Nana Patekar के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री के साथ राजनीतिक जगत में भी शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। नेताओं ने भारतीय सिनेमा में उनके योगदान, अभिनय की विविधता और यादगार किरदारों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई दशकों तक अपने दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से अलग पहचान बनाई। उनके निधन को भारतीय फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति के तौर पर याद किया जा रहा है।
PM मोदी ने नाना पाटेकर के अभिनय को बताया असाधारण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में उनका योगदान बहुत बड़ा रहा। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर में जबरदस्त ऊर्जा, अनोखापन और प्रभावशाली उपस्थिति थी, जो बहुत कम कलाकारों में देखने को मिलती है।
पीएम मोदी ने उनके अभिनय की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अलग-अलग किरदारों में रचनात्मकता दिखाई और ऐसे पात्रों को जीवंत किया, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। प्रधानमंत्री ने नाना पाटेकर की बेबाकी और स्पष्ट विचार रखने की शैली को भी याद किया।
उन्होंने नाना पाटेकर के परिवार, दोस्तों और उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।
राजनाथ सिंह बोले- नाना पाटेकर अपने आप में एक संस्था थे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अभिनेता के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने नाना पाटेकर के अभिनय की विविधता और गहराई को याद करते हुए कहा कि बहुत कम कलाकार ऐसे रहे हैं, जो हास्य से लेकर गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों तक को इतनी प्रभावी ढंग से निभा सके।
राजनाथ सिंह ने ‘अंकुश’, ‘प्रहार’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में नाना पाटेकर के अभिनय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज, व्यक्तित्व और अलग-अलग किरदारों में ढलने की क्षमता ने उन्हें विशिष्ट बनाया।
राजनाथ सिंह के अनुसार, नाना पाटेकर केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
अमित शाह ने सादगी और सामाजिक सरोकारों को किया याद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नाना पाटेकर के निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच दशकों तक नाना पाटेकर ने सहज अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी के जरिए दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
अमित शाह ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से किसानों और सूखे से प्रभावित परिवारों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचने के बावजूद नाना पाटेकर अपनी जड़ों और मिट्टी से जुड़े रहे।
अमित शाह ने अभिनेता की सरलता और स्पष्टवादिता को भी याद किया और उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की।
मिथुन चक्रवर्ती ने कहा- वे मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे
अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि नाना उनके बहुत अच्छे दोस्तों में शामिल थे और उनके निधन की खबर से उन्हें गहरा सदमा लगा है।
मिथुन ने नाना पाटेकर के सादगीपूर्ण जीवन और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की आदत को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर आम आदमी की तरह रहते थे और कई लोगों की मदद करते थे।
फिल्मों में छोड़ी अमिट छाप
नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। ‘अंकुश’, ‘प्रहार’, ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
गंभीर भूमिकाओं के साथ-साथ उन्होंने कॉमेडी और अलग-अलग तरह के किरदारों में भी अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया। यही विविधता उन्हें अपने दौर के विशिष्ट अभिनेताओं में अलग स्थान देती है।
नाना पाटेकर के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री, राजनीतिक जगत और उनके प्रशंसकों की ओर से लगातार श्रद्धांजलियां दी जा रही हैं। उनके निभाए किरदार और संवाद लंबे समय तक दर्शकों की स्मृतियों में बने रहने की उम्मीद है।
