देवास के ऋषि तीर्थ जैन मंदिर से 16 सितंबर को चोरी हुई भगवान आदिनाथ, अरहनाथ और महावीर की 54 वर्ष पुरानी अष्टधातु प्रतिमाएं बरामद। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ऋषि तीर्थ जैन मंदिर से चोरी गई 54 वर्ष पुरानी अष्टधातु की तीन प्रतिमाएं बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
देवास जैन समाज एवं सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सक्रियता रंग लाई, पुलिस प्रशासन का जताया आभार
दैनिक स्वराज वाणी
इंदौर/देवास, 07 अक्टूबर 2026। जैन समाज के लिए हर्ष और गौरव का क्षण। गत 16 सितंबर 2026 को ऋषि तीर्थ जैन मंदिर, लसूड़िया परमार, डकाच्या (देवास) से चोरी गई 54 वर्ष पुरानी अष्टधातु की तीन प्राचीन प्रतिमाएं—भगवान आदिनाथ, भगवान अरहनाथ एवं भगवान महावीर सहित अन्य पूजन सामग्री को पुलिस प्रशासन ने आज दिनांक 07 अक्टूबर 2026 को दो चोरों के साथ बरामद कर लिया है।
फेडरेशन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह सफलता दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय शासकीय सलाहकार शैलेन्द्र जी विभा जी दोषी के अथक प्रयासों से संभव हुई है। श्री दोषी ने घटना की जानकारी मिलते ही इंदौर आईजी पुलिस एवं इंदौर कलेक्टर से व्यक्तिगत चर्चा कर घटना स्थल पर बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाने में प्रशासन का सहयोग किया। पुलिस के अथक प्रयासों से चोरी गई प्रतिमाओं को बरामद करने में बड़ी सफलता मिली।
थाना क्षिप्रा की मांगलिया चौकी पर प्रेस वार्ता
थाना क्षिप्रा की मांगलिया चौकी पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय शासकीय सलाहकार शैलेन्द्र जी विभा जी जैन दोषी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पारस जी जैन, संजय जी जैन, श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सतपथ ग्रुप के संरक्षक मनोहर जैन देवास एवं ऋषि तीर्थ के दिलीप जी जैन सहित अन्य समाजजनों ने पुलिस प्रशासन के इस विशेष प्रयास के लिए आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने बताया कि मूर्तियों की सुपुर्दगी की प्रक्रिया प्रचलन में है और कुछ ही समय में प्रतिमाएं पुनः मंदिर जी में विराजमान की जाएंगी।
फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारी मनोहर झांझरी, अमित कासलीवाल, राकेश विनायका, सुशील पांड्या, प्रदीप चौधरी, आशीष जैन आदि पदाधिकारियों एवं समस्त जैन समाज ने इंदौर पुलिस प्रशासन, थाना क्षिप्रा एवं मांगलिया चौकी के समस्त स्टाफ एवं इस कार्य में सहयोगी सभी साथियों का हृदय से आभार माना है।
राजेश जैन दद्दू ने कहा कि यह केवल मूर्तियों की बरामदगी नहीं, बल्कि जैन समाज की आस्था और 54 वर्ष पुरानी धरोहर की पुनर्स्थापना है। यह हमारे फेडरेशन एवं समस्त जैन समाज के लिए गौरव का पल है।
— राजेश जैन दद्दू, प्रचार प्रमुख, दिगम्बर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर
