फील्ड ऑफिसर की हत्या के विरोध में सेल्स ऑफिसरों ने किया काम बंद, बैतूल के पेट्रोल पंप संचालक हुए परेशान
रिपोर्ट: राकेश सिंह
बैतूल महाराष्ट्र में ड्यूटी के दौरान इंडियन ऑयल के एक फील्ड ऑफिसर की हत्या के विरोध में इटारसी टर्मिनल से जुड़े सेल्स ऑफिसरों ने मंगलवार को एक दिवसीय काम बंद रखा। साथी अधिकारी की हत्या के विरोध और एकजुटता जताने के लिए किए गए इस काम बंद का असर बैतूल जिले के पेट्रोल पंपों पर भी पड़ा। सेल्स ऑफिसरों की उपलब्धता नहीं होने से पेट्रोल पंप संचालकों को तकनीकी और परिचालन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार करना पड़ा।
साथी अधिकारी की हत्या के विरोध में लिया निर्णय
यूनियन के अनुसार महाराष्ट्र में ड्यूटी के दौरान साथी फील्ड ऑफिसर की हत्या के विरोध में मंगलवार को काम बंद रखने का निर्णय लिया गया था। इटारसी टर्मिनल से जुड़े सेल्स ऑफिसरों ने एक दिन काम बंद रखकर घटना के प्रति विरोध और साथी अधिकारी के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
इस निर्णय के कारण मंगलवार को संबंधित सेल्स ऑफिसर डीलरों की समस्याओं के निराकरण के लिए उपलब्ध नहीं रहे। इसका प्रभाव बैतूल जिले के उन पेट्रोल पंप संचालकों पर पड़ा, जिन्हें अपने पंप से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सेल्स ऑफिसरों से संपर्क और सहायता की आवश्यकता थी।
तकनीकी समस्याओं के निराकरण में आई परेशानी
काम बंद रहने के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों को एफडी-32 और ऑटोमेशन से संबंधित समस्याओं के निराकरण में परेशानी हुई। सेल्स ऑफिसरों के उपलब्ध नहीं रहने से डीलरों को इन विषयों पर आवश्यक सहायता नहीं मिल सकी। कई संचालकों को समस्याओं के समाधान के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी।
पेट्रोल पंपों के संचालन से जुड़े इन मामलों में डीलर संबंधित अधिकारियों से सहायता प्राप्त करते हैं। मंगलवार को काम बंद रहने से समस्याओं का निराकरण प्रभावित हुआ। जिन संचालकों को एफडी-32 अथवा ऑटोमेशन से संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ा, उनके लिए अधिकारियों की अनुपलब्धता अतिरिक्त कठिनाई का कारण बनी।
ऑर्डर लगाने से जुड़े मामलों में भी इंतजार
सेल्स ऑफिसरों के एक दिवसीय काम बंद का असर ऑर्डर लगाने से संबंधित समस्याओं के समाधान पर भी दिखाई दिया। डीलरों को ऐसे मामलों में सहायता प्राप्त करने में परेशानी हुई। संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अपनी समस्या के निराकरण के लिए इंतजार करना पड़ा।
बैतूल जिले के पेट्रोल पंप संचालकों के सामने मंगलवार को अलग-अलग परिचालन समस्याएं रहीं। इनमें ऑर्डर लगाने से जुड़े विषय भी शामिल थे। काम बंद के दौरान इन मामलों पर आवश्यक संपर्क और समाधान प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रभावित रही। कई संचालकों के लिए अपनी समस्या का समाधान मिलने तक प्रतीक्षा करना जरूरी हो गया।
पंप ड्राई होने की समस्याओं का समाधान प्रभावित
पंप ड्राई होने जैसी समस्याओं के निराकरण में भी डीलरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसी स्थिति से जुड़े मामलों में सेल्स ऑफिसरों की सहायता उपलब्ध नहीं रहने से संचालकों को समाधान के लिए इंतजार करना पड़ा। इस प्रकार काम बंद का प्रभाव तकनीकी विषयों के साथ पेट्रोल पंपों के परिचालन से संबंधित मामलों पर भी रहा।
सामने आई जानकारी के अनुसार परेशानी मुख्य रूप से डीलरों की समस्याओं के निराकरण से जुड़ी रही। एफडी-32, ऑटोमेशन, ऑर्डर लगाने और पंप ड्राई होने के मामलों में अधिकारियों की उपलब्धता नहीं होने से काम प्रभावित हुआ। कई पेट्रोल पंप संचालक इन समस्याओं का समाधान मिलने की प्रतीक्षा करते रहे।
एक दिवसीय विरोध का स्थानीय स्तर पर पड़ा असर
महाराष्ट्र की घटना के विरोध में इटारसी टर्मिनल से जुड़े सेल्स ऑफिसरों द्वारा किया गया काम बंद एक दिन के लिए था। हालांकि इसका असर बैतूल जिले के पेट्रोल पंप संचालकों की सहायता और समस्या समाधान की व्यवस्था पर पड़ा। मंगलवार को अधिकारियों से मिलने वाली सहायता उपलब्ध नहीं होने से डीलरों को कठिनाई हुई।
यूनियन ने काम बंद रखने का उद्देश्य साथी अधिकारी की हत्या का विरोध करना और एकजुटता जताना बताया। इस विरोध के दौरान बैतूल में पेट्रोल पंप संचालकों को अपने तकनीकी तथा परिचालन मामलों के समाधान के लिए इंतजार करना पड़ा। घटना के विरोध में लिए गए निर्णय का स्थानीय प्रभाव डीलरों की समस्याओं के निराकरण में हुई देरी के रूप में सामने आया।
