अटल पेंशन योजना में कौन कर सकता है आवेदन? जानें पात्रता, योगदान और पेंशन की जरूरी शर्तें
नई दिल्ली। अटल पेंशन योजना यानी एपीवाई भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को वृद्धावस्था में नियमित पेंशन उपलब्ध कराना है। योजना विशेष रूप से गरीब, वंचित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। इसमें निर्धारित योगदान के आधार पर 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन मिलती है। आवेदन करने से पहले उम्र, बैंक खाते और आयकर संबंधी पात्रता समझना जरूरी है।
18 से 40 वर्ष के नागरिक कर सकते हैं आवेदन
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण के अनुसार, योजना में शामिल होने के लिए आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए। प्रवेश की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 40 वर्ष है। साथ ही बैंक अथवा डाकघर में बचत खाता होना आवश्यक है। योजना का लाभ लेने के लिए प्रवेश की उम्र से 60 वर्ष तक निर्धारित योगदान करना होता है।
इसका अर्थ है कि पेंशन आवेदन करते ही शुरू नहीं होती। पहले सदस्य नियमित योगदान करता है और 60 वर्ष पूरे होने पर चुने गए विकल्प के अनुसार पेंशन प्राप्त करता है।
आयकरदाता के लिए क्या है नियम?
एक अक्टूबर 2022 से ऐसा भारतीय नागरिक नया एपीवाई खाता नहीं खोल सकता, जो आवेदन की तारीख तक आयकरदाता है या पहले आयकरदाता रह चुका है। इसलिए केवल वर्तमान आय देखकर पात्रता तय करना पर्याप्त नहीं है। पूर्व में आयकरदाता होने की स्थिति भी महत्वपूर्ण है।
हालांकि, 30 सितंबर 2022 तक योजना में शामिल हो चुके सदस्य आयकरदाता होने पर भी अपना खाता जारी रख सकते हैं। पात्रता पूरी करके जुड़ने वाला व्यक्ति यदि बाद में आयकरदाता बनता है, तो वह भी योगदान जारी रख सकता है।
कितनी पेंशन मिलेगी?
योजना में 60 वर्ष के बाद न्यूनतम गारंटीशुदा मासिक पेंशन के पांच विकल्प हैं—1,000 रुपये, 2,000 रुपये, 3,000 रुपये, 4,000 रुपये और 5,000 रुपये। सदस्य को चुनी गई पेंशन के अनुरूप योगदान देना होता है।
सभी सदस्यों को अपने आप पांच हजार रुपये मासिक पेंशन नहीं मिलती। पेंशन का विकल्प और उसके लिए निर्धारित योगदान महत्वपूर्ण हैं। योजना में शामिल होते समय अपनी भुगतान क्षमता के अनुसार विकल्प समझकर चुनना चाहिए।
योगदान की राशि कैसे तय होती है?
योगदान मुख्य रूप से प्रवेश की उम्र और चुनी गई पेंशन राशि पर निर्भर करता है। कम उम्र में शामिल होने पर योगदान की अवधि लंबी होती है और मासिक राशि अपेक्षाकृत कम रहती है।
आधिकारिक योगदान तालिका के अनुसार, 18 वर्ष की उम्र में एक हजार रुपये मासिक पेंशन के लिए 42 रुपये और पांच हजार रुपये पेंशन के लिए 210 रुपये मासिक योगदान है। वहीं 40 वर्ष की उम्र में इन्हीं विकल्पों के लिए क्रमशः 291 रुपये और 1,454 रुपये मासिक योगदान निर्धारित है।
आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया
आवेदक अपने बचत खाते वाली बैंक शाखा या डाकघर से योजना में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। बैंकों द्वारा उपलब्ध डिजिटल नामांकन सुविधा से भी आवेदन किया जा सकता है।
योगदान बचत खाते से ऑटो-डेबिट के माध्यम से लिया जाता है। भुगतान के लिए मासिक, तिमाही और छमाही विकल्प उपलब्ध हैं। निर्धारित कटौती के समय खाते में पर्याप्त राशि रखना आवश्यक है। नामांकन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण सावधानी से भरें।
जीवनसाथी और नामित व्यक्ति को लाभ
सदस्य की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को वही पेंशन जीवनभर मिलने का प्रावधान है। सदस्य और जीवनसाथी दोनों की मृत्यु के बाद निर्धारित पेंशन कोष नामित व्यक्ति को मिलता है। खाता खोलते समय नामांकन और लागू जीवनसाथी विवरण देना जरूरी है। अविवाहित सदस्य विवाह के बाद जीवनसाथी की जानकारी अपडेट कराएं।
सरकारी नौकरी या एनपीएस सदस्यता अपने आप अपात्रता नहीं है; संबंधित व्यक्ति को उम्र और आयकर सहित सभी मूल शर्तें पूरी करनी होंगी। आवेदन से पहले बैंक से योगदान तालिका, पात्रता और खाते के संचालन की जानकारी प्राप्त करें।
