Sarangpur में चिकित्सकीय मूल्यांकन शिविर, 127 बच्चों का पंजीयन; 93 सहायक उपकरणों के लिए चयनित
समावेशित शिक्षा कार्यक्रम के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की हुई चिकित्सकीय जांच, करीब दो माह बाद उपकरण वितरण शिविर में मिलेंगे सहायक उपकरण
Sarangpur। समग्र शिक्षा अभियान के समावेशित शिक्षा कार्यक्रम के तहत बुधवार को जनपद शिक्षा केंद्र सारंगपुर में कक्षा 1 से 8 तक के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चिकित्सकीय मूल्यांकन शिविर आयोजित किया गया। एलिम्को टीम उज्जैन और जिला मेडिकल बोर्ड राजगढ़ के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 127 बच्चों का पंजीयन किया गया।
चिकित्सकीय जांच और मूल्यांकन के बाद 93 बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया। इन बच्चों को करीब दो माह बाद आयोजित होने वाले उपकरण वितरण शिविर में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
बच्चों की जरूरत के अनुसार हुआ चिकित्सकीय परीक्षण
शिविर में चिकित्सकों ने बच्चों की शारीरिक स्थिति और उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार परीक्षण किया। जांच के आधार पर बच्चों के लिए आवश्यक सहायक उपकरणों का चिन्हांकन किया गया। इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और दैनिक गतिविधियों को आसान बनाना है।
शासन की समावेशित शिक्षा योजना के तहत ऐसे शिविरों के माध्यम से बच्चों की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें उपयुक्त सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाती है।
अधिकारियों ने किया शिविर का शुभारंभ
शिविर का शुभारंभ जिला शिक्षा केंद्र से जिला परियोजना समन्वयक ऋषि कुमार शर्मा, एपीसी आईईडी सारिका पंचोली, बीईओ सुरेश विरमाल और बीआरसी बीएल वर्मा ने किया। शिविर का संचालन ब्लॉक एमआरसी रामकृष्ण पाटीदार ने किया।
चिकित्सकीय परीक्षण और उपकरण चिन्हांकन की जिम्मेदारी एलिम्को उज्जैन की डॉ. गीतांजलि, मनोज कुमार, विपिन कुमार और राजेंद्र पांडे तथा जिला मेडिकल बोर्ड के डॉ. अभिषेक सिलोटिया, डॉ. शरद शाहू, डॉ. अंकित यादव और डॉ. नीरज यादव ने संभाली। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की ओर से रश्मि कदावा ने भी सहयोग किया।
पंजीयन और व्यवस्थाओं में स्टाफ का सहयोग
शिविर में बच्चों के पंजीयन का कार्य मुकेश बड़गोतिया, सविता चौहान, सुनीता मालवीय, उषा मेढ़े, ओमप्रकाश लोध तथा विशेष शिक्षक रश्मि राजपूत और भावेश शर्मा ने किया।
शिविर की व्यवस्थाओं में सोमनाथ गौड़, लेखपाल, बीएसी एनएस सूर्यवंशी, जगदीश शर्मा, रमेशचंद्र तम्बोली, गोविंद मालवीय, महेश मंडलोई सहित समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
शिविर में बच्चों की चिकित्सकीय जरूरतों का आकलन कर उन्हें भविष्य में आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों के अनुसार उपकरण वितरण शिविर में चयनित बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण प्रदान किए जाएंगे।
