Bhinmal में 70वीं राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता का भव्य समापन, भीलवाड़ा-श्रीगंगानगर-कोटा का दबदबा
करीब 2,000 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा, विजेता टीमों को ट्रॉफी और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
Bhinmal । स्थानीय स्वामीनारायण इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित 70वीं राज्य स्तरीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक जूडो खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। 17 एवं 19 वर्ष छात्र-छात्रा वर्ग की इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से पहुंचे करीब 2,000 खिलाड़ियों, दल प्रभारियों और निर्णायकों ने हिस्सा लिया। कई दिनों तक चले खेल आयोजन में खिलाड़ियों ने अनुशासन, साहस और खेल भावना का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ आयोजन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की गई।
खेलों से विकसित होती है अनुशासन और आत्मविश्वास की भावना
समापन समारोह को संबोधित करते हुए स्वामीनारायण गुरुकुल के दिव्यस्वरूपदास स्वामी ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, संयम और संघर्ष की भावना विकसित होती है।
उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग करने वाले भामाशाहों, भोजन एवं आवास व्यवस्था से जुड़े लोगों, पुलिस प्रशासन, चिकित्सा विभाग, नगर पालिका, जलदाय एवं विद्युत विभाग, विभिन्न ट्रस्टों तथा अन्य सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इन टीमों ने हासिल किए शीर्ष स्थान
प्रतियोगिता के परिणामों में 17 वर्ष छात्र वर्ग में भीलवाड़ा ने प्रथम, श्रीगंगानगर ने द्वितीय और हनुमानगढ़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
17 वर्ष छात्रा वर्ग में श्रीगंगानगर प्रथम, भरतपुर द्वितीय और टोंक तृतीय स्थान पर रहा।
इसी तरह 19 वर्ष छात्र वर्ग में भीलवाड़ा ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि श्रीगंगानगर दूसरे और उदयपुर तीसरे स्थान पर रहा।
19 वर्ष छात्रा वर्ग में कोटा ने प्रथम, चूरू ने द्वितीय और अजमेर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस तरह अलग-अलग आयु वर्गों में भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर और कोटा की टीमों का विशेष प्रदर्शन देखने को मिला।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में खेल महत्वपूर्ण
सीबीईओ गजेन्द्र कुमार देवासी ने कहा कि इस तरह की राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खेलों से विद्यार्थियों में शारीरिक क्षमता के साथ टीम भावना, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित होती है।
ब्लॉक खेल प्रभारी अशोक दिवाकर ने प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए। इसके बाद अतिथियों ने विजेता एवं उपविजेता
