अणु स्मृति दिवस पर थांदला में भव्य आयोजन, 11 से 75 वर्ष तक की महिलाओं ने लिया प्रश्नमंच में हिस्सा
त्रिदिवसीय एकासन तप के साथ ‘एक शाम अणु के नाम’ कार्यक्रम में गूंजे गुरु भक्ति के भजन और जयकारे
थांदला। जिन शासन गौरव के आत्मार्थी पंडित रत्न जैनाचार्य पूज्य गुरुदेव श्री उमेशमुनिजी म.सा. के उपकारों और उनकी आध्यात्मिक साधना को स्मरण करते हुए थांदला में अणु स्मृति दिवस का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। पूज्य श्री धर्मदास संप्रदाय में चल रहे गुरु पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में गुरुभगवंतों के जीवन, साधना और उपदेशों को याद करते हुए विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
थांदला में तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेंद्रमुनिजी म.सा., रोचक वक्ता पूज्य श्री संदीपमुनिजी म.सा. तथा महासती पूज्या श्री निखिलशीलाजी म.सा. आदि ठाणा-12 के पावन सानिध्य में चल रहे धर्मोत्कर्ष वर्षावास के दौरान त्रिदिवसीय अणु स्मृति दिवस का आयोजन हुआ।
गुरु गुणानुवाद सभा में उमेशमुनिजी की साधना को किया याद
अणु स्मृति दिवस के अवसर पर सुबह 9 बजे गुरु गुणानुवाद सभा आयोजित हुई। इसमें पूज्य गुरुभगवंतों ने जैनाचार्य श्री उमेशमुनिजी म.सा. के जीवन और साधना का स्मरण करते हुए उनके आध्यात्मिक योगदान पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि उनके जीवन की साधना और क्रियाएं स्वयं में उपदेश का स्वरूप थीं। उनके द्वारा रचित साहित्य आज भी साधु-संतों के साथ श्रावक-श्राविकाओं के लिए आध्यात्मिक जिज्ञासाओं के समाधान का माध्यम बना हुआ है।
सभा के दौरान गुरु के प्रति श्रद्धा, उनके विचारों और आध्यात्मिक साहित्य के महत्व को रेखांकित किया गया।
वैकल्पिक प्रश्नमंच में 11 से 75 वर्ष तक के प्रतिभागी शामिल
गुरु गुणानुवाद सभा के बाद दोपहर 2 से 3 बजे तक थांदला श्रीसंघ की ओर से वैकल्पिक प्रश्नमंच आयोजित किया गया। इसमें 11 वर्ष से लेकर 75 वर्ष तक के श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रश्नमंच में जैनाचार्य श्री उमेशमुनिजी म.सा. के जीवन, साधना और गुरु भक्ति से जुड़े प्रश्न पूछे गए, जिनके सही विकल्प का चयन कर प्रतिभागियों ने अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।
प्रश्नमंच में कु. भूमिका रुनवाल और मेघा अंकित लोढ़ा संयुक्त रूप से प्रथम रहीं। वहीं नन्ही बालिका तोषानी (मिष्टी) जैन तथा प्रौढ़ श्राविकाओं में सरोज शाहजी और इंदु गादिया को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को धर्मोत्कर्ष परिवार की ओर से बड़ी अटैची सहित विभिन्न पुरस्कारों की प्रभावना प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
आयोजन की सफलता में धर्मलता महिला मंडल अध्यक्ष किरण श्रीश्रीमाल, अनुपमा श्रीश्रीमाल, अमिता गादिया और अंकित लोढ़ा का विशेष योगदान रहा।
‘एक शाम अणु के नाम’ में गूंजे भजन और जयकारे
अणु स्मृति दिवस के तहत शाम को ‘एक शाम अणु के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रतिक्रमण के बाद पौषध भवन में श्रावक वर्ग और महिला स्थानक में श्राविकाओं ने गुरु भक्ति के इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गुरुभगवंतों के साथ मौजूद अणुभक्तों ने भजन, गीत और स्तवन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान थांदला की धरती से जुड़े जैनाचार्यों और संतों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए जयकारे लगाए गए।
थांदला को जैनाचार्य द्वय पूज्य श्री जवाहरलालजी एवं पूज्य श्री उमेशमुनिजी ‘अणु’ की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। वर्तमान में थांदला में विराजित संतों में पूज्य तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी, श्री संदीपमुनिजी, श्री प्रशस्तमुनिजी और श्री सुयशमुनिजी भी थांदला से जुड़े हुए हैं। इसी भाव के साथ कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु स्मृति को भजनों और स्तवनों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी द्वारा रचित गुरुदेव के जीवन और अंतिम आराधना से जुड़े भजनों के साथ अणुवत्स पूज्य संयतमुनिजी द्वारा रचित रचनाएं भी प्रस्तुत की गईं। पूज्य श्री प्रशस्तमुनिजी द्वारा रचित भजन ने भी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। कार्यक्रम में शामिल अणुभक्तों को धर्मोत्कर्ष परिवार की ओर से प्रभावना प्रदान की गई।
तीन दिवसीय सामूहिक एकासन तप का आयोजन
अणु स्मृति दिवस के तीनों दिनों में धार्मिक आराधना के विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। संघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया, सचिव हितेश शाहजी और प्रवक्ता पवन नाहर ने बताया कि तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म.सा. के सानिध्य में श्रीसंघ की ओर से आचार्य के गुणों पर आधारित 36 वंदना, अणु चालीसा, गुरु गुणानुवाद सभा, प्रश्नमंच, सामायिक की बेला, नवकार महामंत्र जाप और एकासन तप सहित कई आयोजन कि
