—Advertisement—

नारी का सम्मान ही माता रानी की सच्ची आराधना

Author Picture
Published On: 7 October 2026
rwe6y3i

—Advertisement—

नारी का सम्मान ही माता रानी की सच्ची आराधना

पूनम रमेश गांधी, राजस्थान

माता रानी आने वाली हैं, हर आँगन में खुशियाँ लाने वाली हैं। उनके स्वागत में घर सजेंगे, मंदिरों में भजन गूँजेंगे और दीपों की रोशनी वातावरण को सुंदर बनाएगी। लेकिन इन तैयारियों के बीच हमें अपने मन में भी झाँकना चाहिए। जिस देवी के सामने हम श्रद्धा से सिर झुकाते हैं, क्या अपने घर की स्त्रियों को भी सम्मान देते हैं?

माँ की आराधना तभी सार्थक होगी, जब बेटी को बोझ समझने के बजाय उसके सपनों को महत्व दिया जाएगा। उसकी शिक्षा, इच्छाओं और निर्णयों का सम्मान होगा। उसे घर की लक्ष्मी कहने के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी देने होंगे।

बहू को पराया समझने के बजाय परिवार का अपना सदस्य माना जाए। उसकी भावनाओं को समझा जाए और जिम्मेदारियों के साथ उसे अधिकार भी मिलें। अपनापन केवल संबोधन में नहीं, व्यवहार में दिखाई देना चाहिए।

माँ के आँचल की कदर करना उनकी थकान और जरूरतों को समझना भी है। उनके त्याग को अनदेखा करने के बजाय उन्हें विश्राम, स्नेह और सहयोग दें। बहन की मुस्कान की चिंता करने का अर्थ उसके सपनों का साथ देना और उस पर भरोसा करना भी है।

जहाँ स्त्री की आवाज दबाई जाती है, वहाँ सम्मान अधूरा रह जाता है। उसकी बात धैर्य से सुनना, राय को महत्व देना और असहमति को स्वीकार करना अच्छे संस्कारों की पहचान है। अपमानजनक शब्द रिश्तों को चोट पहुँचाते हैं, जबकि संवेदनशील व्यवहार उनमें विश्वास जगाता है।

याद रखिए, माता रानी को महंगे फूलों से अधिक सच्चे संस्कारों की खुशबू प्रिय है। नौ दिन दीप जलाने से पहले अपने घर में नारी के मान का उजाला जगाएँ। यह संकल्प त्योहार तक सीमित नहीं, पूरे वर्ष निभाया जाए। हर स्त्री को गरिमा, सुरक्षा और अपनी पहचान के साथ जीने की जगह मिले।

क्योंकि माता रानी वहीं ठहरती हैं, जहाँ स्त्री का सम्मान होता है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp