बिजली पोल पर काम कर रहे मजदूर की करंट लगने से मौत, शव रखकर चक्काजाम
परमिट अवधि पूरी होने से पहले बिजली सप्लाई शुरू करने का परिजनों ने लगाया आरोप, गोमाबाई रोड पर प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने संभाली स्थिति
Neemuch । बिसलवास कलां क्षेत्र में बिजली के पोल पर काम कर रहे एक मजदूर की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने शव को गोमाबाई रोड पर रखकर चक्काजाम कर दिया और घटना की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
जानकारी के अनुसार प्रताप सिंह शाखावत, निवासी अमावली महल, बिसलवास कलां क्षेत्र में बिजली के पोल पर काम कर रहे थे। इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गए। गंभीर हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परमिट शाम 4 बजे तक होने का दावा
मृतक के परिजनों का आरोप है कि जिस बिजली लाइन पर काम चल रहा था, उसे बंद रखने का परमिट शाम करीब 4 बजे तक था। इसके बावजूद करीब 2:30 बजे ही बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। इसी दौरान पोल पर काम कर रहे प्रताप सिंह करंट की चपेट में आ गए।
हालांकि, परमिट की वास्तविक अवधि और बिजली सप्लाई किस समय बहाल हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
शव रखकर गोमाबाई रोड पर चक्काजाम
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और अन्य लोग गोमाबाई रोड पर पहुंचे। यहां उन्होंने शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। यातायात व्यवस्था सामान्य कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए।
परमिट रिकॉर्ड और सप्लाई बहाली की होगी जांच
हादसे की जांच में बिजली लाइन बंद रखने के लिए जारी किए गए परमिट का रिकॉर्ड, परमिट की निर्धारित अवधि, बिजली सप्लाई बहाल किए जाने का समय और काम के दौरान अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रिया अहम बिंदु होंगे।
फिलहाल बिजली विभाग पर लगाए गए आरोप मृतक के परिजनों के बयान पर आधारित हैं। संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती
