एक खतौनी में 4-5 भाइयों के नाम तो किसे मिलेगा PM Kisan का पैसा? जानें नियम
PM Kisan Samman Nidhi: एक ही जमीन की खतौनी में कई भाइयों के नाम दर्ज होने पर सभी को अलग-अलग 6,000 रुपये मिलेंगे या नहीं, इसे लेकर किसानों के बीच अक्सर भ्रम रहता है। जानिए योजना में परिवार और किसान की पात्रता से जुड़े जरूरी नियम।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना यानी PM Kisan Samman Nidhi के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में 2,000-2,000 रुपये करके सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में एक सवाल अक्सर सामने आता है कि अगर एक ही जमीन की खतौनी में दो, चार या पांच भाइयों के नाम दर्ज हैं, तो क्या सभी भाइयों को अलग-अलग पीएम किसान का लाभ मिलेगा? इसका जवाब केवल खतौनी में नाम दर्ज होने से तय नहीं होता। पात्रता के लिए भूमि रिकॉर्ड के साथ किसान की व्यक्तिगत स्थिति और योजना के नियमों को भी देखा जाता है।
सिर्फ खतौनी में नाम होना काफी नहीं
किसी व्यक्ति का नाम जमीन की खतौनी में दर्ज होना अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करता कि उसे पीएम किसान की अलग किस्त मिलनी शुरू हो जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित व्यक्ति का पात्र किसान के रूप में पंजीकरण और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
यदि एक ही जमीन में कई भाइयों का हिस्सा दर्ज है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होता है कि राजस्व रिकॉर्ड में उनकी हिस्सेदारी कितनी और किस प्रकार दर्ज है। इसके साथ यह भी देखा जाता है कि संबंधित व्यक्ति अपने हिस्से की जमीन पर खेती कर रहा है या नहीं और उसका पीएम किसान रिकॉर्ड किस स्थिति में है।
बालिग भाइयों की स्थिति अलग हो सकती है
पीएम किसान योजना में परिवार की परिभाषा महत्वपूर्ण है। योजना के संदर्भ में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक परिवार की इकाई के रूप में देखा जाता है। इसलिए परिवार के प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग लाभ मिलने की व्यवस्था नहीं है।
वहीं, बालिग भाइयों की स्थिति अलग हो सकती है। यदि भाई अलग-अलग रहते हैं, अपने हिस्से की जमीन पर खेती करते हैं और सरकारी रिकॉर्ड में स्वतंत्र किसान के रूप में दर्ज हैं, तो उनकी पात्रता अलग से जांची जा सकती है। ऐसे मामलों में केवल यह तथ्य कि सभी भाइयों के नाम एक ही खतौनी में दर्ज हैं, अपने आप में सभी को लाभार्थी बनाने या लाभ से बाहर करने का अंतिम आधार नहीं है।
हिस्सेदारी और सरकारी रिकॉर्ड की भूमिका अहम
मान लीजिए एक खतौनी में चार भाइयों के नाम दर्ज हैं और प्रत्येक की जमीन में अलग-अलग हिस्सेदारी स्पष्ट रूप से दर्ज है। ऐसे मामले में प्रत्येक व्यक्ति की पात्रता उसके भूमि रिकॉर्ड, किसान पंजीकरण और योजना के अन्य नियमों के आधार पर निर्धारित की जा सकती है।
इसके विपरीत, यदि रिकॉर्ड में स्थिति स्पष्ट नहीं है या सभी सदस्य एक ही परिवार की इकाई के अंतर्गत आते हैं, तो सभी के नाम पर अलग-अलग किस्त मिलने की बात निश्चित रूप से नहीं कही जा सकती।
रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी भी जरूरी
पीएम किसान का लाभ लेने वाले किसानों को अपना रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी पूरा रखना चाहिए। इसके अलावा बैंक खाते, आधार और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी सही होना जरूरी है।
अगर एक ही खतौनी में कई भाइयों के नाम हैं, तो किसानों को सबसे पहले अपने भूमि हिस्से, राजस्व रिकॉर्ड, परिवार की स्थिति और पीएम किसान पंजीकरण की जानकारी की जांच करनी चाहिए। किसी रिकॉर्ड में गलती होने पर उसे संबंधित विभाग के माध्यम से समय रहते दुरुस्त करवाना चाहिए।
क्या करें किसान?
- खतौनी में अपने हिस्से की जमीन की स्थिति जांचें।
- भूमि रिकॉर्ड में नाम और हिस्सेदारी सही है या नहीं, देखें।
- पीएम किसान में अपना पंजीकरण चेक करें।
- ई-केवाईसी पूरी रखें।
- बैंक खाते और अन्य जरूरी विवरण अपडेट रखें।
- पात्रता को लेकर असमंजस होने पर संबंधित कृषि/राजस्व विभाग से पुष्टि करें।
निष्कर्ष: एक ही खतौनी में कई भाइयों के नाम दर्ज होने मात्र से सभी को अलग-अलग 6,000 रुपये मिलने की गारंटी नहीं होती। प्रत्येक व्यक्ति की पात्रता भूमि रिकॉर्ड, परिवार की स्थिति, किसान के रूप में पंजीकरण और पीएम किसान के लागू नियमों के आधार पर तय होती है।
