पारिवारिक तीर्थयात्रा समूह ने की थूवोनजी, खंदारगिरि और गोलाकोट तीर्थ की वंदना
श्रद्धा और भक्तिभाव से भरी तीर्थ वंदना
Morena (मनोज जैन नायक)। पारिवारिक एकता, धार्मिक संस्कार और तीर्थ वंदना की भावना को लेकर विगत दिवस पारिवारिक तीर्थयात्रा समूह द्वारा प्रसिद्ध जैन तीर्थ क्षेत्र थूवोनजी, खंदारगिरि और गोलाकोट की धार्मिक यात्रा आयोजित की गई। यात्रा में आधा सैकड़ा से अधिक बुजुर्ग बंधुओं, माता-बहनों, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए तीर्थ वंदना का लाभ लिया। एक ही परिवार के चार पीढ़ी के सदस्यों जैसे अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों का एक साथ तीर्थ पर जाना इस यात्रा की खास बात रही।
यात्रा का उद्देश्य: परिवार को धर्म और संस्कारों से जोड़ना
पारिवारिक तीर्थयात्रा समूह के संचालकों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य परिवार के सभी सदस्यों को धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ना था। साथ ही तीर्थ क्षेत्रों की वंदना के माध्यम से धर्म, संस्कार और पारिवारिक एकता की भावना को मजबूत करना भी उद्देश्य रहा। यात्रा के दौरान सभी यात्रियों में विशेष उत्साह और उल्लास दिखाई दिया।
थूवोनजी में बड़े बाबा आदिनाथ भगवान की पूजा-अर्चना
यात्रियों ने थूवोनजी तीर्थ क्षेत्र पहुंचकर बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही तीर्थ क्षेत्र के विभिन्न जिनालयों में दर्शन-वंदन कर भगवान के चरणों में अपनी श्रद्धा समर्पित की। अभिषेक और पूजन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
सामूहिक वंदना, भक्ति नृत्य और सामूहिक भोज
अभिषेक-पूजन के बाद यात्रियों ने सामूहिक रूप से वंदना और धार्मिक अनुष्ठान किए। भक्ति गीतों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। बुजुर्गों के साथ युवाओं और बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता की। इस दौरान सभी यात्रियों ने पारिवारिक वातावरण में एक-दूसरे के साथ समय बिताते हुए सामूहिक भोज का आनंद लिया।

खंदारगिरि और गोलाकोट तीर्थ की भी वंदना
यात्रा के दौरान थूवोनजी के साथ खंदारगिरि और गोलाकोट तीर्थ क्षेत्र की भी वंदना की गई। यात्रियों ने तीर्थ क्षेत्रों की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को जाना तथा जिनालयों में दर्शन-वंदन कर सुख, शांति और आत्मकल्याण की भावना से भगवान की आराधना की।
संध्या आरती और भक्तिमय नृत्य
संध्याकालीन वेला में सामूहिक आरती की गई। इसके बाद भक्तिमय नृत्य के साथ श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। पूरे दिन चली इस यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ पारिवारिक मेलजोल का सुंदर संगम देखने को मिला।
पुण्यार्जक परिवार ने किया यात्रियों का सम्मान
यात्रा के समापन अवसर पर पुण्यार्जक रामेश्वरदयाल जैन नायक परिवार, गढ़ी वालों की ओर से यात्रा में शामिल सभी गणमान्य बंधुओं, माता-बहनों, युवाओं और बच्चों का सम्मान किया गया। सम्मान के दौरान यात्रियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि सामूहिक तीर्थयात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ पारिवारिक प्रेम, आपसी सद्भाव और संस्कारों को मजबूत करने का माध्यम है।

आभार और भविष्य के आयोजनों की भावना
पारिवारिक तीर्थयात्रा के समापन पर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने सफल और आनंदमय आयोजन के लिए यात्रा संचालकों और पुण्यार्जक परिवार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। यात्रियों ने कहा कि थूवोनजी, खंदारगिरि और गोलाकोट तीर्थ की वंदना उनके लिए श्रद्धा और संतोष से भरा अनुभव रही। बुजुर्गों, माता-बहनों, युवाओं और बच्चों ने एक साथ तीर्थ वंदना का लाभ लेने को अपने लिए सौभाग्य की बात बताया।
श्रद्धालुओं ने यह भी कहा कि इस तरह की सामूहिक यात्राएं धार्मिक आस्था के साथ परिवार और समाज के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए संचालकों के प्रयासों की प्रशंसा की।
अंत में सभी ने भविष्य में भी इसी प्रकार सामूहिक रूप से धार्मिक और तीर्थ यात्राओं का आयोजन करते रहने की भावना व्यक्त की, ताकि आने वाले समय में भी अधिक से अधिक परिवार तीर्थ वंदना और आपसी सद्भाव का लाभ ले सकें।
