सुल्तानपुर में अवधी गायक संजय यदुवंशी के घर देर रात पुलिस की दबिश, दीवार फांदकर प्रवेश का आरोप
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में अवधी लोक गायक संजय यदुवंशी के घर देर रात पुलिस की दबिश का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी घर की दीवार फांदकर अंदर पहुंचे और संजय को सामने लाने के लिए कहा। कार्रवाई के दौरान पुलिस और परिवार के सदस्यों के बीच बहस भी हुई। घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। पुलिस का कहना है कि टीम दर्ज मुकदमे में वांछित संजय की तलाश में पहुंची थी।
घर पर नहीं मिले संजय यदुवंशी
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार रात धम्मौर पुलिस संजय यदुवंशी के उघरपुर स्थित घर पहुंची। उस समय संजय वहां मौजूद नहीं थे। घर में उनके पिता सियाराम, भाई शिवा यादव, मां और परिवार के अन्य सदस्य थे।
पुलिस के पहुंचने के बाद परिजनों ने कार्रवाई के तरीके पर आपत्ति जताई। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। परिवार का आरोप है कि देर रात घर में प्रवेश करने के दौरान पुलिस ने अनुचित व्यवहार किया। वहीं, पुलिस ने कार्रवाई को मुकदमे की विवेचना और आरोपी की तलाश से जुड़ा बताया है।
दीवार फांदकर प्रवेश करने का आरोप
संजय यदुवंशी की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस उनकी गैरमौजूदगी में रात करीब 12 बजे घर पहुंची। प्रकाशित रिपोर्ट में वीडियो के हवाले से एक पुलिसकर्मी के दीवार फांदकर अंदर जाने और अन्य पुलिसकर्मियों के बाहर खड़े होने का उल्लेख किया गया है।
परिजनों की आपत्ति मुख्य रूप से प्रवेश के तरीके और पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर है। हालांकि, वीडियो के किसी हिस्से से पूरी कार्रवाई की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होतीं। पुलिस के पहुंचने से पहले क्या बातचीत हुई और प्रवेश की क्या वजह बताई गई, इन विषयों पर दोनों पक्षों के विस्तृत बयान महत्वपूर्ण हैं।
गायक ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
पुलिस की दबिश के बाद संजय यदुवंशी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि पुलिस उन्हें किस मामले में तलाश रही है और गिरफ्तारी वारंट कहां है। संजय ने परिवार के साथ कथित बदसलूकी का आरोप भी लगाया।
उनका कहना है कि पुलिस उनसे संपर्क करने के लिए दिन में आ सकती थी। उन्होंने कार्रवाई के तरीके पर आपत्ति दर्ज कराते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले को देखने की मांग की। ये बातें संजय के आरोप और उनकी प्रतिक्रिया हैं; इन्हें स्वतंत्र जांच से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
पुलिस ने बताया दबिश का कारण
सीओ लंभुआ ऋतिक कपूर के बयान के अनुसार, कोतवाली नगर में जफरुल हसन ने अपने बेटे शबीब रजा के साथ मारपीट और जानलेवा हमला किए जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस का कहना है कि इसी मामले में संजय यदुवंशी वांछित हैं।
पुलिस के मुताबिक, विवेचना के क्रम में उनकी तलाश की जा रही है और सोमवार रात घर पर दबिश इसी उद्देश्य से दी गई। सीओ ने पुलिस पर लगाए गए अन्य आरोपों को असत्य और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई जारी है।
सितंबर में दर्ज हुआ था मारपीट का मामला
इससे पहले सितंबर में प्रकाशित खबर के अनुसार, शबीब रजा के पिता ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को दोस्त के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना देकर अमहट चौराहे पर बुलाया गया। वहां पहुंचने के बाद उसके साथ रॉड और डंडों से मारपीट किए जाने का आरोप है।
शिकायत में संजय यदुवंशी, उनके भाई और अन्य लोगों का नाम सामने आया था। उस समय पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच किए जाने की जानकारी दी थी। यह मामला अभी आरोप और विवेचना से संबंधित है। मुकदमा दर्ज होने का अर्थ किसी व्यक्ति का दोष साबित होना नहीं है।
कार्रवाई के तरीके पर विवाद, जांच पर नजर
संजय यदुवंशी अवधी गायकी और डिजिटल वीडियो के लिए जाने जाते हैं। उनके घर पुलिस पहुंचने के बाद विवाद अब दबिश के तरीके तथा परिवार के आरोपों पर केंद्रित हो गया है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस दबिश के दौरान संजय घर पर नहीं मिले। आगे पुलिस की विवेचना, गायक की प्रतिक्रिया और संबंधित अधिकारियों के विस्तृत बयान से स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल परिवार कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठा रहा है, जबकि पुलिस इसे दर्ज मुकदमे में तलाश की प्रक्रिया बता रही है।
