विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : मनोज श्रीवास्तव
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, जिला नर्मदापुरम के तत्वावधान में ‘वंदे भारत से विकसित भारत तक: युवा संकल्प’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मनोज श्रीवास्तव ने भारत के सांस्कृतिक गौरव, राष्ट्रीय चेतना और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को अपनी ऊर्जा राष्ट्र सेवा और समाज के विकास में लगाने के लिए प्रेरित किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के सेवानिवृत्त अतिरिक्त संचालक मथुरा प्रसाद ने की। कार्यक्रम में जिलेभर से आए सैकड़ों युवा, विद्यार्थी तथा शहर के गणमान्य एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
वंदे मातरम की व्याख्या से दिया राष्ट्र सेवा का संदेश
मुख्य वक्ता मनोज श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की विस्तृत एवं भावपूर्ण व्याख्या की। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम की चेतना और राष्ट्र सेवा की भावना से जुड़ा है। इसके भावों को समझकर युवा देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर विचार कर सकते हैं।
उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक गौरव पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रभक्ति को जीवन के कार्यों से जोड़ने की प्रेरणा दी। उनके संबोधन में राष्ट्रीय चेतना और युवाओं की सक्रिय भूमिका प्रमुख विषय रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग सकारात्मक दिशा में करने का आह्वान किया।
युवाओं की सोच, संकल्प और सक्रियता पर जोर
मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि ‘वंदे भारत’ से ‘विकसित भारत’ तक की यात्रा में युवा वर्ग की सोच, संकल्प और क्रियाशीलता महत्वपूर्ण शक्ति है। आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के निर्माण के लिए युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगानी होगी।
उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को युवाओं की भागीदारी से जोड़ते हुए कहा कि देश के भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। संगोष्ठी में उपस्थित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और समाज के हित में योगदान देने की प्रेरणा दी गई।
शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की सीख
अध्यक्षीय उद्बोधन में मथुरा प्रसाद ने युवाओं को शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विकास के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया।
उनके संबोधन में शिक्षा और जिम्मेदार नागरिकता का संबंध प्रमुख रहा। उन्होंने युवाओं को जीवन में नैतिक मूल्यों का महत्व समझने तथा अपनी क्षमताओं को सामाजिक दायित्वों से जोड़ने की प्रेरणा दी। संगोष्ठी के विषय के अनुरूप उन्होंने युवा संकल्प और समाज के विकास में सहभागिता पर विचार रखे।
परिषद की गतिविधियों और समाज सेवा पर चर्चा
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के संभाग समन्वयक कौशलेश प्रताप तिवारी एवं जिला समन्वयक कोकिला चतुर्वेदी ने परिषद की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को समाज सेवा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में युवाओं की सामाजिक सहभागिता और सेवा भावना को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। परिषद के प्रतिनिधियों ने संगठन की गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को समाजहित के कार्यों से जोड़ने के प्रयास साझा किए।
विकासखंड समन्वयक और परामर्शदाता रहे उपस्थित
संगोष्ठी में विकासखंड समन्वयक नरेन्द्र देशमुख बनखेड़ी, सुखवती वर्मा माखन नगर और विवेक मालवीय केसला उपस्थित रहे। वरिष्ठ परामर्शदाता नीरज चतुर्वेदी, व्यंकट चिमानिया, हर्ष तिवारी, मनीष यादव, राजेंद्र कुशवाह, राजेश मालवीय तथा मुकेश यादव की भी उपस्थिति रही।
परामर्शदाता नेहा तिवारी एवं साहिल तलोटिया ने कार्यक्रम का संचालन किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे युवाओं और विद्यार्थियों ने वक्ताओं के विचार सुने।
राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम में सांस्कृतिक चेतना, शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को विकसित भारत के निर्माण से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने युवा पीढ़ी को अपनी ऊर्जा और क्षमताओं का उपयोग राष्ट्रहित में करने के लिए प्रेरित किया। संगोष्ठी का समापन राष्ट्र के प्रति सेवा और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ।
