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वैष्णो देवी से अखंड ज्योत लेने रवाना हुआ दल, मंडलेश्वर में 41वें नवरात्रि महोत्सव की तैयारी

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Published On: 5 October 2026

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वैष्णो देवी से अखंड ज्योत लेने रवाना हुआ दल, मंडलेश्वर में 41वें नवरात्रि महोत्सव की तैयारी

रिपोर्ट: गौतम सालवे

महेश्वर। मंडलेश्वर के ऐतिहासिक गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित होने वाले 41वें नवरात्रि महोत्सव के लिए कटरा स्थित मां वैष्णो देवी धाम से अखंड ज्योत लेने श्रद्धालुओं का दल रवाना हुआ। प्रस्थान से पहले मंदिर में यात्रियों, वाहन और धर्म ध्वज का पूजन किया गया। इसके बाद नर्मदा तट पर पूजन और चुनरी अर्पण कर दल ने यात्रा प्रारंभ की। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अखंड ज्योत 11 अक्टूबर की सुबह गुप्तेश्वर मंदिर पहुंचेगी, जहां उसकी स्थापना की जाएगी।

इस वर्ष मंदिर के सामने पहाड़ी पर कटरा की तर्ज पर विशेष गुफा एवं झांकी तैयार की जा रही है। आयोजन का उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को नगर में ही वैष्णो देवी धाम जैसा धार्मिक अनुभव प्रदान करना है, जो कटरा नहीं जा पाते।

विनय चैतन्यपुरी गुरुजी ने कराया पूजन

यात्रा के शुभारंभ अवसर पर दोपहर 2 बजे गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में बंगाली बाबा के शिष्य पूज्य विनय चैतन्यपुरी गुरुजी, पंडित विनय जी महाराज ने विधि-विधान से पूजन कराया। उन्होंने अखंड ज्योत लेने जा रहे यात्रियों, यात्रा वाहन और धर्म ध्वज का पूजन-अर्चन कर दल को रवाना किया।

इस अवसर पर उपस्थित नगरवासियों ने यात्रियों का स्वागत किया और यात्रा की सफलता की कामना की। मंदिर में पूजन के पश्चात श्रद्धालु नर्मदा तट पहुंचे, जहां यात्रा से संबंधित धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न किए गए।

नर्मदा तट पर चुनरी अर्पित कर लिया जल

दोपहर 3 बजे यात्रा दल के नर्मदा तट पहुंचने पर नलखेड़ा वाले पंडित जी ने मां नर्मदा का विधि-विधान से पूजन कराया। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा को चुनरी अर्पित की और जल लिया। इसके बाद दल कटरा, जम्मू-कश्मीर के लिए प्रस्थान कर गया।

यात्रा दल में मनोज शर्मा, विपिन पाटीदार, निर्मल पाटीदार तथा नलखेड़ा के पंडित जितेंद्र जी महाराज शामिल हैं। दल मां वैष्णो देवी के दर्शन कर वहां से अखंड ज्योत लेकर मंडलेश्वर लौटेगा।

11 अक्टूबर को मंदिर पहुंचेगी अखंड ज्योत

निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार दल मंगलवार देर रात कटरा पहुंचेगा। बुधवार सुबह मां वैष्णो देवी के दर्शन कर अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी। इसके बाद बुधवार रात को ही दल वापसी के लिए रवाना होगा।

10 अक्टूबर की रात्रि में यात्रियों के धामनोद में विश्राम का कार्यक्रम है। 11 अक्टूबर की सुबह गाजे-बाजे के साथ अखंड ज्योत गुप्तेश्वर महादेव मंदिर लाई जाएगी। मंदिर पहुंचने के बाद ज्योत की स्थापना की जाएगी। महोत्सव की तैयारियों में ज्योत के आगमन और स्थापना को विशेष महत्व दिया गया है।

40 वर्षों से जारी अखंड नाम संकीर्तन

ओंकार सेवा मिशन ट्रस्ट के अध्यक्ष नितिन पाटीदार ने बताया कि गुप्तेश्वर मंदिर में पिछले 40 वर्षों से नवरात्रि के अवसर पर नौ दिवसीय ‘हरे रामा, हरे कृष्णा’ अखंड नाम संकीर्तन आयोजित किया जा रहा है। नवमी पर विशाल भंडारे की परंपरा भी निरंतर चली आ रही है।

इस वर्ष आयोजन का 41वां वर्ष है। इसी उपलक्ष्य में मंदिर के सामने पहाड़ी पर विशेष गुफा और मनमोहक झांकी का निर्माण किया जा रहा है। कटरा की तर्ज पर तैयार की जा रही गुफा के माध्यम से श्रद्धालुओं को मां वैष्णो देवी के स्वरूप के दर्शन कराए जाएंगे।

जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने दी विदाई

दल को रवाना करने के अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता सतीशचंद्र मोयदे, पार्षद नितिन पाटीदार, पार्षद प्रतिनिधि ब्रह्मदत्त चौहान, मंडल उपाध्यक्ष हरि गाड़गे, एल्डरमेन अनिरुद्ध हलवे, गोलू मामा पाटीदार, जयप्रकाश पाटीदार, सुजल यादव और सचिन पाटीदार उपस्थित रहे।

नहर अध्यक्ष वीरेंद्र पाटीदार, ललित पाटीदार, पुष्पराज सिंह, विक्की पाटीदार, पार्षद प्रतिनिधि संदीप हिरवे, दुर्गेश कुमार राजदीप, नितिन जोशी, हरचरण मुच्छाल, जोजु मुरियाडन तथा राजेश पंवार सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी यात्रियों का पुष्पहारों से स्वागत किया। सभी ने दल की सुखद यात्रा और अखंड ज्योत के सुरक्षित आगमन की कामना करते हुए विदाई दी।

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