चंद्रलेखा नदी के संरक्षण के लिए विशेष अभियान, संत सागर जी महाराज के सान्निध्य में स्वच्छता का संकल्प
श्रमदान और जनजागरूकता से नदी को निर्मल बनाने की पहल, नगरवासियों से सहयोग की अपील
दैनिक स्वराज वाणी | चंद्रेश जैन, ब्यूरो चीफ शाजापुर
कैमरा पर्सन: विकास केवट
शाजापुर। चंद्रलेखा नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से टीम चंद्रलेखा अभियान द्वारा विशेष स्वच्छता एवं संरक्षण अभियान की शुरुआत की जा रही है। संत श्री सागर जी महाराज के सान्निध्य में नदी की स्वच्छता बनाए रखने और आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया है। अभियान के माध्यम से नगरवासियों से श्रमदान करने, नदी में कचरा नहीं डालने और दूसरों को भी इस पहल से जोड़ने की अपील की जा रही है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नदी की सफाई के साथ उसके संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि नदी को निर्मल बनाए रखने के लिए नागरिकों का निरंतर सहयोग आवश्यक है। सफाई के प्रयासों के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि नदी में दोबारा गंदगी और कचरा न पहुंचे। इसी उद्देश्य से लोगों को अपनी दैनिक आदतों में स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
नदी में कचरा और प्लास्टिक न डालने का आग्रह
टीम चंद्रलेखा अभियान ने नगरवासियों से आग्रह किया है कि नदी में किसी भी प्रकार का कचरा, प्लास्टिक अथवा अन्य अपशिष्ट नहीं डालें। नदी और उसके आसपास की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। अभियान का संदेश है कि नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर छोटी पहल करें, तो सामूहिक प्रयास नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
आयोजकों ने लोगों से अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को भी इस विषय में जागरूक करने की अपील की है। उनका कहना है कि संरक्षण का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचने से नदी के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत होगा। प्रत्येक व्यक्ति स्वयं कचरा डालने से बचे और आसपास के लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करे। इस तरह स्वच्छता का संकल्प व्यक्तिगत स्तर से आगे बढ़कर समाज की साझा पहल बन सकता है।
श्रमदान के लिए आगे आने की अपील
अभियान के अंतर्गत नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आगे आकर नदी की स्वच्छता के लिए श्रमदान करने का आह्वान किया जा रहा है। टीम का कहना है कि लोगों की सहभागिता इस मुहिम का महत्वपूर्ण आधार है। अपने समय और श्रम का योगदान देने के साथ नागरिक दूसरों को भी नदी संरक्षण से जोड़ सकते हैं। अभियान के प्रति सहयोग और जागरूकता दोनों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
संत श्री सागर जी महाराज के सान्निध्य में की जा रही इस पहल को लेकर श्रद्धालुओं और पर्यावरण प्रेमियों में उत्साह बताया गया है। आयोजकों के अनुसार, नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब लोग इसे अपने व्यवहार में अपनाएं। नदी के प्रति आस्था के साथ उसकी निर्मलता बनाए रखने के लिए सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
एक दिन की सफाई से आगे निरंतर संरक्षण पर जोर
टीम चंद्रलेखा अभियान के अनुसार, इस मुहिम का उद्देश्य केवल एक दिन सफाई करना नहीं है। नदी के संरक्षण के लिए निरंतर जागरूकता और सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना इसका प्रमुख लक्ष्य है। लोगों को नदियों के महत्व से परिचित कराते हुए यह संदेश दिया जा रहा है कि वे जल स्रोत होने के साथ समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर भी हैं।
आयोजकों ने “स्वच्छ नदी—स्वस्थ समाज, स्वच्छ पर्यावरण—सुरक्षित भविष्य” का संदेश देते हुए नगरवासियों से सहयोग मांगा है। उनका कहना है कि नदी के आसपास स्वच्छता बनाए रखने से लोगों में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी। टीम ने चंद्रलेखा नदी की स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए नागरिकों से श्रमदान करने, दूसरों को प्रेरित करने और संरक्षण की इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।
