सिलवानी में तेज आवाज में बजने वाले डीजे को लेकर क्षेत्रीय विकास परिषद ने चिंता जताई है। संस्था ने बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की परेशानी को देखते हुए डीजे की आवाज सीमित रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
तेज आवाज में बजता डीजे सेहत के लिए खतरा, नियमों के पालन की अपील
बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही परेशानी, क्षेत्रीय विकास परिषद ने आवाज सीमित रखने की उठाई मांग
दैनिक स्वराज वाणी
संवाददाता वैभव जैन मस्ताना
सिलवानी। शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, उद्घाटन समारोह और त्योहारों में डीजे का चलन तेजी से बढ़ा है। पारंपरिक बैंड-बाजों की जगह अब अधिकांश आयोजनों में डीजे का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन कई स्थानों पर अत्यधिक तेज आवाज में डीजे बजाए जाने से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए तेज आवाज परेशानी बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।
क्षेत्रीय विकास परिषद ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए शासन-प्रशासन, आयोजनकर्ताओं और डीजे संचालकों से निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करने की अपील की है। परिषद का कहना है कि मनोरंजन और आयोजनों के नाम पर इतनी तेज आवाज नहीं होनी चाहिए कि आसपास रहने वाले नागरिकों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर असर पड़े।
तेज ध्वनि के लगातार संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता प्रभावित होने के साथ तनाव, चिड़चिड़ापन और नींद में व्यवधान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पहले भी विभिन्न स्थानों पर तेज आवाज के बीच लोगों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
परिषद ने कहा कि विशेष रूप से रिहायशी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में डीजे की आवाज कम रखी जाए। घरों में बीमार व्यक्ति, बुजुर्ग और छोटे बच्चे रहते हैं, जिन्हें तेज आवाज सहन करने में परेशानी हो सकती है।
संस्था ने प्रशासन से भी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग करते हुए डीजे संचालकों से जिम्मेदारी के साथ निर्धारित सीमा में ही साउंड सिस्टम चलाने की अपील की है।
