श्री गिरनार जी की 5वीं टोंक को लेकर जैन समाज के प्रतिनिधियों ने आक्रोश जताया है। समाज ने केंद्र सरकार, गुजरात सरकार और न्यायालय से हस्तक्षेप कर भगवान नेमिनाथ की मोक्ष स्थली से जुड़े मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
गिरनार जी की 5वीं टोंक को लेकर जैन समाज में आक्रोश, नेमिनाथ प्रभु की मोक्ष स्थली की रक्षा की उठी मांग
इंदौर। राजेश जैन दद्दू।
जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की मोक्ष स्थली माने जाने वाले श्री गिरनार जी महातीर्थ की 5वीं टोंक को लेकर जैन समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों ने आक्रोश जताते हुए केंद्र सरकार, गुजरात सरकार और न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू, मयंक जैन एवं संघ प्रमुख राकेश जैन गोहिल ने आरोप लगाया कि गिरनार जी की 5वीं टोंक पर जैन समाज के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2005 के गुजरात हाईकोर्ट के एक निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन को न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन ने कहा कि सभी धर्मों के पवित्र स्थलों और आस्थाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने इस मामले का शांतिपूर्ण और न्यायसंगत समाधान निकालने की मांग की।
मयंक जैन ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा और सभी धर्मों के सम्मान में विश्वास रखता है तथा समाज अपने तीर्थ की रक्षा के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेगा।
संघ प्रमुख राकेश जैन गोहिल ने कहा कि सकल जैन समाज गिरनार जी महातीर्थ के संरक्षण के लिए एकजुट है। समाज आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन के माध्यम से अपनी मांग उठाएगा।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्र और गुजरात सरकार से मांग की कि गिरनार जी की 5वीं टोंक से जुड़े विवाद में न्यायालय के आदेशों के अनुरूप उचित कार्रवाई की जाए और जैन समाज की धार्मिक भावनाओं एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
विरोधकर्ता: राजेश जैन दद्दू, प्रचार प्रमुख, इंदौर (सकल जैन समाज)
