PM Kisan 24th Installment: अगली किस्त से पहले जाँचें e-KYC, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड, अधूरी जानकारी से रुक सकता है भुगतान
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अपने रिकॉर्ड की जाँच करना जरूरी है। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। भुगतान के लिए पात्रता और जरूरी सत्यापन पूरे होने चाहिए। ऐसे में किसानों को अपनी e-KYC, आधार से जुड़े बैंक खाते और भूमि रिकॉर्ड की स्थिति समय रहते देख लेनी चाहिए।
24वीं किस्त की तारीख के लिए आधिकारिक घोषणा देखें
आपके उपलब्ध समाचार विवरण में 23 किस्तें जारी होने और अगली किस्त का इंतजार जारी रहने की जानकारी दी गई है। हालांकि, 24वीं किस्त जारी होने की निश्चित तारीख की आधिकारिक पुष्टि इस जाँच में नहीं मिली है। इसलिए किसी अनुमानित तारीख को तय भुगतान दिवस मानकर योजना बनाना उचित नहीं होगा।
किसानों को किस्त से संबंधित घोषणा के लिए आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल और कृषि मंत्रालय की सूचना देखनी चाहिए। किस्त जारी होने की घोषणा और किसी विशेष लाभार्थी के खाते में भुगतान पहुंचना अलग बातें हैं। व्यक्तिगत भुगतान की स्थिति लाभार्थी के रिकॉर्ड और सत्यापन पर भी निर्भर करती है।
पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य
पीएम किसान पोर्टल के अनुसार, योजना में पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है। यह प्रक्रिया लाभार्थी की पहचान के सत्यापन से जुड़ी है। केवल पंजीकरण करवा लेने के बाद किसानों को यह नहीं मान लेना चाहिए कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो गई हैं।
e-KYC के लिए OTP, बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन के विकल्प उपलब्ध हैं। किसान अपनी सुविधा और उपलब्ध साधनों के अनुसार उपयुक्त माध्यम चुन सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी होने पर अधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC से सहायता ली जा सकती है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसकी स्थिति भी जाँच लें।
बैंक खाते की आधार सीडिंग भी जाँचें
पीएम किसान का भुगतान आधार-सीडेड बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से होता है। बैंक खाते की आधार सीडिंग और भुगतान व्यवस्था में गड़बड़ी होने पर पैसा पहुंचने में बाधा आ सकती है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, भुगतान विफल होने के कारणों में NPCI मैपर से आधार हटना, आधार का बैंक खाते से मैप न होना और खाता बंद होना शामिल हैं। यदि किसान को पिछली किस्त नहीं मिली है, तो बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग तथा DBT भुगतान की स्थिति की पुष्टि करानी चाहिए। केवल खाते में सामान्य लेनदेन होने से पीएम किसान भुगतान की व्यवस्था सही होने की पुष्टि नहीं होती।
भूमि रिकॉर्ड का सही होना जरूरी
योजना का लाभ देने से पहले पीएम किसान पोर्टल पर भूमि रिकॉर्ड की सीडिंग भी महत्वपूर्ण है। पात्र किसान का विवरण संबंधित रिकॉर्ड से मेल खाना चाहिए। भूमि संबंधी जानकारी अधूरी होने या सत्यापन लंबित रहने की स्थिति में संबंधित विभाग से जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
किसानों को अपने नाम, आधार विवरण और भूमि संबंधी रिकॉर्ड में किसी अंतर की जानकारी मिले, तो उसे सही कराने की प्रक्रिया पूछनी चाहिए। स्थानीय कृषि विभाग या संबंधित राजस्व कार्यालय से संपर्क करते समय आवश्यक दस्तावेज साथ रखने से समस्या समझाने में सुविधा होगी।
लाभार्थी अपनी भुगतान स्थिति देखें
किसान उपलब्ध “Know Your Status” सुविधा से अपनी स्थिति जाँच सकते हैं। पोर्टल पर दिख रही जानकारी को ध्यान से पढ़ें और किसी लंबित सत्यापन या समस्या का उल्लेख होने पर संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।
यदि भुगतान जारी होने के बाद भी खाते में राशि नहीं दिखती है, तो बैंक स्टेटमेंट और लाभार्थी स्थिति, दोनों की जाँच करें। किसी दूसरे किसान को किस्त मिलने के आधार पर अपने भुगतान की स्थिति का निष्कर्ष न निकालें। प्रत्येक लाभार्थी का रिकॉर्ड अलग होता है।
पात्रता और बहिष्करण नियम भी समझें
पीएम किसान योजना में लाभ निर्धारित पात्रता और बहिष्करण नियमों के अनुसार मिलता है। केवल खेती करने या पोर्टल पर आवेदन कर देने से भुगतान की गारंटी नहीं होती। सरकारी दिशानिर्देशों में पात्र परिवारों की पहचान और सत्यापन की व्यवस्था निर्धारित है।
अगली किस्त से पहले किसान अपने रिकॉर्ड की जाँच करके लंबित प्रक्रिया पूरी कराएं। सहायता के लिए आधिकारिक पोर्टल, बैंक शाखा, CSC या कृषि विभाग से संपर्क करें। किस्त दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक PIN या पासवर्ड न दें। जानकारी सही कराने के बाद भी भुगतान का अंतिम निर्णय योजना के नियमों और सत्यापन के अनुसार होगा।
