इस्कॉन उज्जैन द्वारा नागदा में 1 से 4 अक्टूबर तक गीता प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। प्रचार बस के माध्यम से श्रीमद्भगवद्गीता और आध्यात्मिक साहित्य उपलब्ध कराया जा रहा है।
नागदा में इस्कॉन का चार दिवसीय गीता प्रचार अभियान, आध्यात्मिक साहित्य से भारतीय संस्कृति का संदेश
1 से 4 अक्टूबर तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचेगी प्रचार बस, श्रीमद्भगवद्गीता सहित आध्यात्मिक एवं ज्ञानवर्धक साहित्य कराया जा रहा उपलब्ध
नागदा। गीता जयंती के उपलक्ष्य में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कॉन्शसनेस (इस्कॉन), उज्जैन के तत्वावधान में नागदा में चार दिवसीय गीता प्रचार एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 1 से 4 अक्टूबर तक इस्कॉन उज्जैन का प्रचार मंडल नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर श्रीमद्भगवद्गीता सहित आध्यात्मिक एवं ज्ञानवर्धक साहित्य के माध्यम से नागरिकों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन-दृष्टि से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
इस्कॉन उज्जैन के कोऑर्डिनेटर एवं अध्यक्ष धीर गौर प्रभुजी ने बताया कि अभियान के दौरान इस्कॉन द्वारा प्रकाशित श्रीमद्भगवद्गीता, वेद-उपनिषद एवं अन्य आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक ग्रंथ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा जीवन प्रबंधन एवं आध्यात्मिक चिंतन से संबंधित साहित्य के साथ धार्मिक एवं पूजन सामग्री भी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध है। यह सामग्री न्यूनतम दरों पर प्रदान की जा रही है।
प्रचार बस से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क
अभियान के लिए इस्कॉन उज्जैन के प्रचार मंडल की विशेष प्रचार बस नागदा के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच रही है। इसके माध्यम से इस्कॉन प्रतिनिधि एवं अभियान से जुड़े कार्यकर्ता नागरिकों से संपर्क कर गीता जयंती अभियान के उद्देश्य और आध्यात्मिक साहित्य के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
इसके साथ ही नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं प्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य गीता के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और नागरिकों को इसके अध्ययन के लिए प्रेरित करना है।
गुरुवार को बिरला धाम क्षेत्र में प्रचार बस पहुंची, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों ने आध्यात्मिक साहित्य एवं धार्मिक सामग्री के बारे में जानकारी ली। कई श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भगवद्गीता सहित अन्य आध्यात्मिक पुस्तकों में रुचि दिखाई और साहित्य प्राप्त किया।
वर्धमान नगर में विचार गोष्ठी का आयोजन
अभियान के क्रम में गुरुवार शाम 7 बजे वर्धमान नगर में भगवान के विग्रह की आरती के साथ इस्कॉन परिवार द्वारा विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में श्रीमद्भगवद्गीता के जीवनोपयोगी संदेश, आध्यात्मिक चिंतन और वर्तमान जीवन में गीता की प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श किया गया।
धीर गौर प्रभुजी ने बताया कि गीता जयंती के अवसर पर गीता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश एवं राजस्थान में भी अभियान से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं।
चार दिवसीय अभियान के माध्यम से नागदा के नागरिकों को श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन, भारतीय आध्यात्मिक परंपरा तथा जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है।


