संयम वंदन यात्रा का दिल्ली के विवेक विहार श्रीसंघ में मिलन हुआ। यात्रा दल ने साध्वीश्री सुपार्श्वनिधीजी म.सा. के दर्शन-वंदन एवं क्षमायाचना कर धर्मलाभ लिया।
संयम वंदन यात्रा का दिल्ली में मिलन, संतों के दर्शन और क्षमायाचना से भक्तिमय हुआ विवेक विहार
श्रद्धा, संयम और क्षमायाचना का संदेश लेकर पहुंचा यात्रा दल, विवेक विहार श्रीसंघ ने किया स्वागत
नई दिल्ली। ब्रजेश बोहरा। युगप्रभावक गुरुदेव पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा की परंपरा के समुदायवर्ती श्रमण-श्रमणी भगवंतों के दर्शन, वंदन और क्षमायाचना के उद्देश्य से निकली संयम वंदन यात्रा का 1 अक्टूबर को दिल्ली के विवेक विहार श्रीसंघ में मिलन हुआ। यात्रा दल के आगमन पर श्रीसंघ के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत किया और पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण बना रहा।
यात्रा दल ने सुबह सेवा-पूजन के बाद प्रवचन का लाभ लिया। इसके पश्चात साध्वीश्री सुपार्श्वनिधीजी म.सा. आदि ठाणा के दर्शन-वंदन एवं क्षमायाचना कर धार्मिक चर्चा की। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी धर्मलाभ प्राप्त किया।
संयम वंदन यात्रा 21 सितंबर को आनंद शहर से प्रारंभ हुई है और 17 अक्टूबर को सूरत में पूर्ण होगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य पुण्यसम्राट गुरुदेव की परंपरा के समुदायवर्ती श्रमण-श्रमणी भगवंतों के दर्शन-वंदन और क्षमायाचना के माध्यम से श्रद्धा एवं आध्यात्मिक समर्पण व्यक्त करना है।
विवेक विहार श्रीसंघ ने किया आत्मीय स्वागत
यात्रा के अंतर्गत अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुंबई-थराद त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ अध्यक्ष रमेशभाई धरू, अहमदाबाद से परिषद के राष्ट्रीय वेरावच्चमंत्री भरतभाई लाडू तथा राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा नागदा विवेक विहार श्रीसंघ पहुंचे।
विवेक विहार संघ की ओर से महावीरजी सकलेचा, छगनराजजी खंडप, सेसमलजी वोहरा, जुगराजजी, दिनेशजी और ललितजी सहित सदस्यों ने अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। भोजनशाला में जगराजजी, भरतजी, श्रीपालजी सहित संघ सदस्यों ने सेवा प्रदान की।
इसके बाद भरतपुर कीर्ति मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सेसमलजी क्षत्रिय वोहरा के दिल्ली स्थित निवास पर धार्मिक चर्चा हुई, जहां यात्रा दल के सदस्यों का स्वागत किया गया।
कानपुर, जयपुर के बाद इंदौर पहुंचेगा यात्रा दल
दिल्ली प्रवास के बाद यात्रा दल 2 अक्टूबर को कानपुर पहुंचेगा, जहां चातुर्मास के लिए विराजमान मुनिराज डॉ. श्री संयमरत्न विजयजी म.सा. आदि ठाणा के दर्शन और क्षमायाचना की जाएगी। इसके बाद 3 अक्टूबर को जयपुर में साध्वीश्रीजी आदि ठाणा के दर्शन-क्षमायाचना कर यात्रा दल इंदौर पहुंचेगा। यहां गच्छाधिपति श्री की निश्रा में आयोजित अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में सहभागिता करेगा।

