फ्लाईदुबई विमान के कॉकपिट में हमले का आरोप, घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार के साहस की नेतन्याहू ने की प्रशंसा
नई दिल्ली। दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बुधवार, 30 सितंबर को गंभीर आपात स्थिति पैदा हो गई। उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर उनके सह-पायलट ने चाकू से हमला किया। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने प्रतिरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों तथा चालक दल को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन के साहस की प्रशंसा की है। उन्होंने घटना को विमान गिराने की कोशिश बताया। हालांकि, हमले का उद्देश्य और आतंकवादी साजिश से उसका संबंध जांच का विषय है। विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
दुबई से तेल अवीव जा रही थी उड़ान
फ्लाईदुबई की यह व्यावसायिक उड़ान दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान कॉकपिट में हुई घटना के कारण विमान को अपना निर्धारित मार्ग बदलना पड़ा। उसे सऊदी अरब में उतारे जाने की जानकारी सामने आई है।
दिए गए समाचार में विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्रियों के मौजूद होने का उल्लेख है। वहीं, नेतन्याहू के सार्वजनिक बयान से संबंधित रिपोर्ट में विमान में मौजूद 174 लोगों की जान बचने की बात कही गई है। बच्चों की संख्या का अलग पुष्ट विवरण उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट नहीं है।
सह-पायलट पर कैप्टन को चाकू मारने का आरोप
घटना के संबंध में सामने आए विवरण में सह-पायलट पर कैप्टन को चाकू मारने और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश का आरोप है। इस संघर्ष ने उड़ान के दौरान गंभीर संकट पैदा कर दिया। हमले की वजह को लेकर अभी निश्चित निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, घायल कैप्टन और आरोपी सह-पायलट को सऊदी अरब में अस्पताल ले जाया गया। विमान में मौजूद यात्रियों तथा चालक दल की मदद से आरोपी पर काबू पाया गया।हमले में इस्तेमाल वस्तु कॉकपिट तक कैसे पहुंची और घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं, इन सवालों के उत्तर विस्तृत जांच से सामने आएंगे।
घायल होकर भी कैप्टन ने किया प्रतिरोध
कैप्टन स्मित मछार की भूमिका इस घटना में विशेष रूप से सामने आई है। नेतन्याहू के बयान के मुताबिक, गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने हमलावर का विरोध जारी रखा। कॉकपिट का दरवाजा खोलने से अन्य लोगों को भीतर प्रवेश करके सहायता करने का अवसर मिला।
नेतन्याहू ने कैप्टन को बहादुर बताते हुए उनके पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि कैप्टन के प्रतिरोध और यात्रियों तथा चालक दल के हस्तक्षेप से बड़ी दुर्घटना टली। उनके बयान में विमान में मौजूद इजराइली नागरिकों और अन्य देशों के लोगों की सुरक्षा का भी उल्लेख था।
सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया विमान
कॉकपिट में हुई घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में उतारा गया। रॉयटर्स के अनुसार, विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने सुरक्षित लैंडिंग में भूमिका निभाई। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव भेजा गया।
इस घटनाक्रम में घायल कैप्टन के प्रतिरोध के साथ यात्रियों, चालक दल और अतिरिक्त पायलटों की सामूहिक भूमिका सामने आती है। इसलिए सुरक्षित लैंडिंग का पूरा श्रेय केवल एक व्यक्ति को देने के बजाय उपलब्ध विवरण में बताई गई सभी भूमिकाओं को समझना जरूरी है।
नेतन्याहू ने जताई बड़े हमले की आशंका
दिए गए समाचार के अनुसार, नेतन्याहू ने दावा किया कि सह-पायलट विमान को हाइजैक कर इजराइल में अमेरिका के 9/11 जैसे हमले को दोहराना चाहता था। यह गंभीर आरोप है, लेकिन इसे जांच से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
विमान को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश और किसी संगठित आतंकवादी साजिश की पुष्टि अलग विषय हैं। घटना का उद्देश्य, संभावित योजना और किसी संगठन से संबंध जैसे पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों के साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी संगठन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
आरोपी की पहचान और उद्देश्य पर जांच जरूरी
मूल समाचार में आरोपी सह-पायलट को ओमानी बताया गया है। उसकी राष्ट्रीयता के बारे में यह जानकारी इजराइली पक्ष के हवाले से सामने आई है। राष्ट्रीयता अपने आप हमले के उद्देश्य या किसी देश की भूमिका का प्रमाण नहीं है।
घटना में कॉकपिट की सुरक्षा, चालक दल के बीच हुए संघर्ष और आपात स्थिति से निपटने की प्रक्रिया से जुड़े प्रश्न भी उठे हैं। विस्तृत जांच से स्पष्ट होगा कि हमला कैसे हुआ और विमान की सुरक्षा को किस तरह खतरा पैदा हुआ। फिलहाल कैप्टन स्मित मछार के साहस की प्रशंसा के साथ आतंकवादी साजिश संबंधी दावे को आरोप के रूप में रखना आवश्यक है।
