टोंकखुर्द नगर परिषद में अनुग्रह सहायता राशि को लेकर विवाद, शिकायतकर्ता ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल नवरंग ने दस्तावेजों में जन्म वर्ष की त्रुटि और शिकायतों के निराकरण को लेकर उठाए सवाल, सही रिकॉर्ड के आधार पर सहायता राशि देने की मांग
टोंकखुर्द। नगर परिषद टोंकखुर्द में दिवंगत बाबू सिंह मालवीय नवरंग की अनुग्रह सहायता राशि से जुड़े प्रकरण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। शिकायतकर्ता राहुल नवरंग ने नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर हुई कथित त्रुटियों को सुधारने के बजाय उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
जन्म वर्ष के रिकॉर्ड को लेकर उठाए सवाल
राहुल नवरंग का कहना है कि विभिन्न सरकारी दस्तावेजों में उनके पिता का जन्म वर्ष 1995 दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि वोटर आईडी, समग्र आईडी और प्राथमिक शैक्षणिक अभिलेखों में भी जन्म संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध है।
शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि प्रशासन अनुग्रह सहायता राशि के प्रकरण में किस दस्तावेज को आधार मान रहा है। उनका कहना है कि यदि अन्य सरकारी अभिलेखों में सही जन्म वर्ष दर्ज है और आधार कार्ड में कोई अलग अथवा त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि है, तो पुराने और प्रामाणिक दस्तावेजों का परीक्षण किया जाना चाहिए।
आधार रिकॉर्ड में कथित त्रुटि पर सवाल
राहुल नवरंग ने आरोप लगाया कि आधार कार्ड में दर्ज जानकारी में यदि कोई लिपिकीय या तकनीकी गलती हुई है, तो उसके लिए संबंधित नागरिक अथवा परिवार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर तथ्यों के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया जाए।
उनका कहना है कि किसी सरकारी रिकॉर्ड में कथित त्रुटि के कारण परिवार को शासकीय योजना अथवा अनुग्रह सहायता के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। राहुल नवरंग का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद मामले में उनकी अपेक्षा के अनुरूप समाधान नहीं हुआ और शिकायतों को निराकरण के बिना बंद किए जाने की स्थिति बनी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत निवारण प्रक्रिया में प्रकरण को “Force Close” दर्शाकर बंद किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कार्यालय में बहस होने का दावा
राहुल नवरंग के अनुसार, जब उन्होंने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर मामले में अपनी बात रखी और कथित दस्तावेजी गलती को सुधारने की मांग की, तो अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस की स्थिति बन गई। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने कथित गलती स्वीकार कर सुधार करने के बजाय अड़ियल रवैया अपनाया।
आंदोलन की चेतावनी
शिकायतकर्ता ने कहा कि यह मामला उनके परिवार के साथ-साथ उनके पिता के सम्मान और वंचित वर्ग के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से सही दस्तावेजों के आधार पर अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत करने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जांच कराने की मांग की है।
राहुल नवरंग ने कहा कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने मामले में जल्द समाधान नहीं किया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक वे अपने प्रयास जारी रखेंगे।
विशेष संवाददाता: फूलचंद मालवीय, टोंकखुर्द
