इंदौर मॉब लिंचिंग मामले में वांछित सूरज जाट का कोर्ट में सरेंडर, 10 हजार रुपये का था इनाम
इंदौर। लसूड़िया क्षेत्र में युवक की पिटाई के बाद मौत के मामले में वांछित आरोपी सूरज जाट ने मंगलवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। हालांकि, उसका आत्मसमर्पण मॉब लिंचिंग के प्रकरण में नहीं, बल्कि विजय नगर थाने से जुड़े एक पुराने वारंट के मामले में हुआ है। लसूड़िया पुलिस ने उसकी तलाश में 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, पुलिस को उसके सरेंडर की पहले से जानकारी नहीं थी। अदालत की ओर से बाद में लसूड़िया पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
पुराने वारंट के मामले में मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुआ
सूरज जाट लसूड़िया में हुई घटना के बाद से फरार बताया जा रहा था। पुलिस को उसकी तलाश थी, लेकिन वह मंगलवार को विजय नगर थाने के पुराने वारंट से संबंधित मामले में मजिस्ट्रेट के सामने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया।
इस घटनाक्रम में दोनों मामलों का अंतर महत्वपूर्ण है। आरोपी ने जिस पुराने वारंट में सरेंडर किया, वह विजय नगर थाने से जुड़ा है। वहीं युवक की पिटाई के बाद मौत का मामला लसूड़िया क्षेत्र का है। इसलिए आत्मसमर्पण को सीधे मॉब लिंचिंग प्रकरण में हुई गिरफ्तारी के रूप में नहीं देखा जा सकता। साझा विवरण में पुराने वारंट से संबंधित अपराध का विस्तृत उल्लेख नहीं है।
लसूड़िया पुलिस ने घोषित किया था इनाम
लसूड़िया पुलिस ने सूरज जाट पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वह इस मामले में पुलिस की तलाश में शामिल प्रमुख आरोपियों में बताया गया है। लंबे समय से फरार होने के बीच उसका अदालत में पहुंचकर सरेंडर करना मामले का नया घटनाक्रम है।
समाचार विवरण के मुताबिक, पुलिस को उसके अदालत पहुंचने की भनक नहीं लगी। सरेंडर के बाद अदालत की ओर से लसूड़िया पुलिस को सूचना दी गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे मॉब लिंचिंग प्रकरण में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है या नहीं। उसकी रिमांड अथवा आगे की पूछताछ का विवरण भी साझा नहीं किया गया है।
गाय चोरी के आरोप में हुई थी चंदर की पिटाई
लसूड़िया क्षेत्र में चंदर नाम के युवक की गाय चोरी के आरोप में पिटाई की गई थी। पिटाई के बाद पिछले दिनों उसकी मौत हो गई। इसी घटना से जुड़े मामले में पुलिस सूरज जाट को तलाश रही थी।
गाय चोरी की बात युवक पर लगाए गए आरोप के रूप में सामने आई है। साझा समाचार में इस आरोप की पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है। घटना का मुख्य विषय युवक के साथ हुई मारपीट और उसके बाद हुई मौत है। मामले में आरोपियों की भूमिका की जांच पुलिस कर रही है। सूरज जाट के अदालत में सरेंडर करने से उसकी फरारी से जुड़ी स्थिति में बदलाव आया है।
मानसिंह राजावत पहले हो चुका है गिरफ्तार
इस प्रकरण में पुलिस करणी सेना के पदाधिकारी मानसिंह राजावत को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। सूरज जाट की तलाश जारी थी। अब उसके दूसरे मामले में आत्मसमर्पण की जानकारी लसूड़िया पुलिस तक पहुंच गई है।
उपलब्ध विवरण में अन्य आरोपियों की संख्या, घटना की तारीख और चंदर की पिटाई के पूरे घटनाक्रम का उल्लेख नहीं है। इसलिए फिलहाल पुष्टि के साथ सामने आई जानकारी यही है कि मानसिंह राजावत गिरफ्तार हो चुका है और वांछित सूरज जाट ने पुराने वारंट के मामले में अदालत के सामने सरेंडर किया है।
आगे की कार्रवाई की जानकारी आना बाकी
सूरज जाट के आत्मसमर्पण के बाद अब लसूड़िया प्रकरण में उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई का विवरण सामने आना बाकी है। अदालत से सूचना मिलने की बात कही गई है, लेकिन हिरासत, पूछताछ या रिमांड संबंधी कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं हुई है। चंदर की मौत से जुड़े मामले में आरोपी की भूमिका और पुलिस की अगली कार्रवाई से घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
