CCTNS रैंकिंग में रतलाम पुलिस प्रदेश में प्रथम, 48 अधिकारियों को किया सम्मानित
अगस्त की ‘A’ श्रेणी रैंकिंग में रतलाम अव्वल; ई-विवेचना में उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र, नकद पुरस्कार की घोषणा
रतलाम, 27 सितंबर। तकनीक आधारित पुलिसिंग और डिजिटल सेवाओं के प्रभावी इस्तेमाल के क्षेत्र में रतलाम पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी अगस्त माह की CCTNS मासिक रैंकिंग में ‘A’ श्रेणी के जिलों में रतलाम ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2026 में जारी आठ मासिक CCTNS रैंकिंग में रतलाम पुलिस चार बार प्रथम और तीन बार द्वितीय स्थान हासिल कर चुकी है।
इस उपलब्धि के अवसर पर ई-विवेचना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 48 अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किए जाने की भी घोषणा की गई है।

CCTNS और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन में जिले के सभी थानों में CCTNS का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। FIR दर्ज करने से लेकर विवेचना और चालान प्रस्तुत करने तक की प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
रतलाम पुलिस द्वारा CCTNS के साथ ICJS, ई-साक्ष्य, ई-प्रॉसिक्यूशन, ई-FSL और ई-विवेचना जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। ई-साक्ष्य के माध्यम से घटनास्थल की फोटो और वीडियोग्राफी को डिजिटल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया जा रहा है। वहीं ई-प्रॉसिक्यूशन, ई-FSL, ऑनलाइन MLC, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, ई-समंस और वारंट जैसी डिजिटल सुविधाओं से पुलिस जांच की प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
ई-विवेचना के लिए उपलब्ध टैबलेट के माध्यम से विवेचक फील्ड स्तर पर भी डिजिटल तरीके से जांच से संबंधित कार्य कर रहे हैं। CCTNS और ICJS के जरिए आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी तेजी से उपलब्ध होने से फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी में भी मदद मिलने की बात पुलिस ने कही है।

ई-विवेचना में 48 अधिकारियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन
अगस्त माह में ई-विवेचना के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले 48 अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इनमें माणकचौक से निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान और प्रभार विकास बोरासी, औद्योगिक क्षेत्र रतलाम से प्रभार देवेंद्र सिंह गामड़, रामचन्द्र बारोट और संजय राठौर, दीनदयाल नगर से उपनिरीक्षक पंकज राजपूत, राजेन्द्र चौहान और प्रभार वासुदेव पंवार शामिल हैं।
स्टेशन रोड से निरीक्षक मुनेन्द्र गौतम, उपनिरीक्षक मोह यूनुस और प्रभार ध्रुवसिंह चौहान, शिवगढ़ से प्रभार हेमेन्द्र लिम्बोदिया और अमित त्यागी, बिलपांक से प्रभार अनिल शुक्ला, राहुल चौधरी, सउनि. मन्नालाल दशोरिया और उपनिरीक्षक अल्केश सिंगाड़ को भी सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में नामली से प्रभार कांतिलाल ओहरिया और मंजू ठकराल, सैलाना से उपनिरीक्षक शिवनाथसिंह राठौर, सरवन से प्रभार रमाकांत सिंह और विमल निनामा, रावटी से प्रभार अर्चना बाथरी, उपनिरीक्षक मोह इरफान और प्रभार सीमा दायमा तथा बाजना से उपनिरीक्षक रामसिंह खपेड शामिल हैं।
जावरा शहर, औद्योगिक क्षेत्र जावरा, कालूखेड़ा, रिंगनोद, बड़ावदा, पिपलौदा, ताल, आलोट, बरखेड़ा और महिला थाना के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी उत्कृष्ट ई-विवेचना कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

CCTNS टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका
जिला मुख्यालय पर पदस्थ CCTNS टीम द्वारा थानों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। टीम नियमित रूप से थानों का भ्रमण कर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर संबंधी समस्याओं को दूर करने के साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण भी दे रही है।
CCTNS टीम में प्रधान आरक्षक बलराम पाटीदार, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह बिष्ट, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक लोमेश शर्मा, प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) सपना भाटिया और प्रधान आरक्षक सीमा की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है।
पुलिस के अनुसार तकनीकी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, डेटा प्रबंधन, लगातार मॉनिटरिंग और वैज्ञानिक विवेचना के जरिए पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अगस्त की CCTNS रैंकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करना इसी दिशा में जिले की डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
