गुरुदेव की 200वीं जन्म शताब्दी पर बड़ावदा में हुआ महाभिषेक
मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत के बीच सम्पन्न हुआ आयोजन, जैन धर्मावलंबियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
बड़ावदा। अभिधान राजेन्द्र कोष के रचयिता एवं 20वीं शताब्दी के युगपुरुष मोहनखेड़ा के नायक प्रातः स्मरणीय दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीश्वर महाराज की 200वीं जन्म शताब्दी के अवसर पर देशभर में विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को बड़ावदा में गुरुदेव की प्रतिमा का भव्य महाभिषेक आयोजित किया गया। आयोजन में नगर के जैन धर्मावलंबियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प.पू. लाभेश विजयजी म.सा. की प्रेरणा से गुरुदेव की 200वीं जन्म शताब्दी महामहोत्सव के निमित्त संपूर्ण भारत में महाभिषेक के आयोजन किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला के तहत बड़ावदा में भी धार्मिक वातावरण के बीच महाभिषेक संपन्न हुआ।
सोमवार सुबह गुरु मंदिर में तथा दिन में प्राचीन आदिनाथ जिनालय में विराजित गुरुदेव की प्रतिमा का विधि-विधानपूर्वक महाभिषेक किया गया। आयोजन के दौरान विधिकारक द्वारा संगीत और मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक विधियां संपन्न कराई गईं। मंत्रों की गूंज और भक्ति संगीत से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया।
जैन धर्मावलंबियों ने की अष्टप्रकारी पूजा
महाभिषेक के अवसर पर नगर के बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ गुरुदेव की अष्टप्रकारी पूजा-अर्चना की। इसके बाद गुरुदेव की महाआरती भी की गई। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता कर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
डॉ. प्रदीप बाफना ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि विधिकारक ने विधि-विधान के अनुसार मंत्रोच्चार और संगीत के साथ महाभिषेक की प्रक्रिया पूर्ण कराई। उन्होंने बताया कि गुरुदेव की 200वीं जन्म शताब्दी के अवसर पर देशभर में इस प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।

देश के विभिन्न राज्यों से होते हुए विदेशों तक पहुंचेगा आयोजन
विधिकारक जितेंद्र जैन ने बताया कि गुरुदेव की 200वीं जन्म शताब्दी के निमित्त आयोजित महाभिषेक का यह धार्मिक आयोजन देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में आयोजित किया जा रहा है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और मुंबई सहित विभिन्न स्थानों से होते हुए यह आयोजन विदेशों तक भी जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य गुरुदेव के जीवन, धर्म साधना और उनके आध्यात्मिक योगदान को स्मरण करना तथा अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजन से जोड़ना है।
श्रीसंघ ने विधिकारक और टीम का जताया आभार
महाभिषेक आयोजन के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने पर श्रीसंघ की ओर से विधिकारक जितेंद्र जैन सहित आयोजन से जुड़ी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनकर गुरुदेव की आराधना की और आयोजन के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गुरुदेव की 200वीं जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित इस महाभिषेक से बड़ावदा में दिनभर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
