Diageo India ने नए अंदाज में पेश किया McDowell’s No.1, ब्लेंड से पैकेजिंग तक हुआ बड़ा बदलाव Upgrade
भारत, सितंबर 2026। Diageo India ने अपने प्रमुख व्हिस्की ब्रांड McDowell’s No.1 को नए स्वरूप में पेश किया है। कंपनी के अनुसार, ब्रांड के इस नए संस्करण में केवल पैकेजिंग में बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि व्हिस्की के ब्लेंड, बोतल के डिजाइन और विजुअल आइडेंटिटी को भी नए सिरे से तैयार किया गया है। कंपनी ने इसे ब्रांड के 125 वर्षों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव बताया है।
McDowell’s No.1 के नए संस्करण को नई पीढ़ी के व्हिस्की उपभोक्ताओं की बदलती पसंद को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। कंपनी के मुताबिक, उपभोक्ता अब केवल कीमत और स्मूथनेस के आधार पर उत्पाद का चुनाव नहीं कर रहे हैं, बल्कि क्वालिटी, क्राफ्ट्समैनशिप और एक्सपीरियंस को भी महत्व दे रहे हैं। इसी बदलते उपभोक्ता रुझान को ध्यान में रखते हुए ब्रांड को नए अंदाज में पेश किया गया है।
अतिरिक्त स्कॉच के साथ अपग्रेडेड ब्लेंड
इस नए बदलाव के केंद्र में McDowell’s No.1 का अपग्रेडेड ब्लेंड है। कंपनी के अनुसार, इसमें चुनिंदा इम्पोर्टेड स्कॉच, इंडियन माल्ट्स और प्रीमियम ग्रेन स्पिरिट्स का मिश्रण किया गया है। इसे चुनिंदा ओक और अमेरिकन बैरल्स में मैच्योर किया जाता है। इसके बाद भारत और स्कॉटलैंड में ब्लेंडिंग प्रक्रिया के जरिए अंतिम लिक्विड तैयार किया जाता है।
Diageo India के मुताबिक, नए ब्लेंड को 100 से अधिक क्वालिटी चेक्स के जरिए वैलिडेट किया गया है। इसमें वनीला, हल्की ग्रेन स्वीटनेस और मेलो माल्ट के नोट्स के साथ हल्की अरोमा बताई गई है। इसके अलावा मैच्योर वुड और डेलिकेट स्वीट स्पाइस के संकेत भी मिलते हैं।
कंपनी के अनुसार, स्वाद में सॉफ्ट माल्टी, वुडी और वनीला नोट्स के साथ हल्की मिठास महसूस होती है। वहीं फिनिश में वनीला क्रीम और डेलिकेट स्वीटनेस के संकेत बने रहते हैं। कंपनी का कहना है कि नए ब्लेंड में McDowell’s No.1 के पारंपरिक कैरेक्टर को बनाए रखने के साथ आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद के अनुरूप बदलाव किया गया है।
बोतल और ब्रांड की पहचान भी बदली
McDowell’s No.1 के ट्रांसफॉर्मेशन में नई बोतल और विजुअल आइडेंटिटी भी शामिल है। कंपनी ने बोतल के डिजाइन को अधिक प्रीमियम और कंटेम्पररी लुक देने का प्रयास किया है। नई पैकेजिंग को इस तरह तैयार किया गया है कि यह शेल्फ पर ब्रांड को अधिक विशिष्ट पहचान दे और नए प्रोडक्ट एक्सपीरियंस को दर्शाए।
कंपनी के अनुसार, McDowell’s No.1 की हर वर्ष 30 मिलियन से अधिक केस बिक्री होती है। ऐसे में ब्रांड के स्वरूप में किया गया यह बदलाव भारतीय व्हिस्की बाजार में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव ब्रांड की पुरानी पहचान और उपभोक्ता विश्वास को बरकरार रखते हुए उसे नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बनाने की दिशा में किया गया है।
11 बाजारों में 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं से रिसर्च
Diageo India ने बताया कि नए बदलाव के पीछे उपभोक्ता रिसर्च को भी आधार बनाया गया है। कंपनी के अनुसार, 11 बाजारों में 10,000 से अधिक उपभोक्ताओं के साथ रिसर्च की गई। इस रिसर्च में उपभोक्ताओं की बदलती पसंद, सोशलाइजिंग और व्हिस्की से जुड़ी अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया गया।
कंपनी के मुताबिक, आज के उपभोक्ता ऐसी व्हिस्की की तलाश में हैं जो स्वाद और गुणवत्ता के साथ उनके सामाजिक अनुभव का भी हिस्सा बन सके। इसी वजह से नए McDowell’s No.1 को मास प्रीमियम सेगमेंट में बेहतर क्वालिटी और क्राफ्ट्समैनशिप के साथ पेश किया गया है।
रुचिरा जैतली ने बताया ब्रांड का विजन
Diageo India की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर रुचिरा जैतली ने कहा कि आज का व्हिस्की उपभोक्ता वैल्यू को नए तरीके से देख रहा है। उनके अनुसार, अब वैल्यू केवल अफोर्डेबिलिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि क्वालिटी, क्राफ्ट्समैनशिप और एक्सपीरियंस भी इसका हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में सोशलाइजिंग ड्रिंकिंग कल्चर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उपभोक्ता ऐसी व्हिस्की चाहते हैं जिसे वे अपने सर्कल के साथ साझा कर सकें। जैतली के मुताबिक, नए McDowell’s No.1 में दशकों से बनी ट्रस्ट और परिचित पहचान को बनाए रखते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए विकसित किया गया है।
Diageo India ने इस बदलाव को केवल एक रिलॉन्च नहीं, बल्कि भारतीय मास प्रीमियम व्हिस्की कैटेगरी में ब्रांड के अगले चरण के रूप में प्रस्तुत किया है। नए ब्लेंड, नई बोतल और प्रीमियम विजुअल पहचान के जरिए कंपनी ने McDowell’s No.1 को बदलते उपभोक्ता बाजार के अनुरूप पेश करने की कोशिश की है।
