बिल्डर बंटी नागर की मौत की जांच में मोबाइल और CCTV पर पुलिस का ध्यान, कमरे की रिकॉर्डिंग नहीं मिली
इंदौर। पलासिया क्षेत्र में अपने कार्यालय में मृत मिले बिल्डर बंटी उर्फ संदीप नागर के मामले की पुलिस जांच जारी है। अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस कार्यालय से मिले मोबाइल, लैपटॉप और दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही बिल्डिंग में लगे कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है, ताकि घटना से पहले की गतिविधियों का क्रम पता चल सके।
कमरे में कैमरा था, लेकिन रिकॉर्डिंग नहीं मिली
पुलिस के सामने एक अहम सवाल उस कमरे की रिकॉर्डिंग को लेकर है जहां बंटी नागर का शव मिला था। वहां कैमरा लगा मिला, लेकिन उसकी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हुई। कार्यालय में लगे दो DVR में से एक में हार्ड डिस्क नहीं मिली। दूसरे DVR में हार्ड डिस्क है, जिसे पुलिस ने जांच के लिए जब्त किया है। उसमें पासवर्ड लगा होने के कारण फुटेज देखने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
पुलिस बिल्डिंग के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि बंटी नागर कार्यालय कब पहुंचे थे और घटना से पहले वहां कौन-कौन आया था। कमरे की रिकॉर्डिंग उपलब्ध न होने की वजह भी जांच का विषय है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिकॉर्डिंग क्यों नहीं मिली या उसमें कोई तकनीकी समस्या थी। इस संबंध में जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
मोबाइल का लॉक खोलने की कोशिश
बंटी नागर के मोबाइल में पैटर्न लॉक लगा है। पुलिस के अनुसार, परिवार के सदस्यों को भी उसका पैटर्न मालूम नहीं है। मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी है। पुलिस कॉल विवरण और अन्य तकनीकी जानकारी की मदद से यह जानना चाहती है कि अंतिम समय में बंटी नागर किन लोगों के संपर्क में थे। मोबाइल से मिलने वाली जानकारी को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देखा जाएगा।
कार्यालय से मिले लैपटॉप, फाइलों और दस्तावेजों की भी जांच हो रही है। पुलिस कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड देख रही है, ताकि यह पता चल सके कि हाल के दिनों में कोई विवाद या महत्वपूर्ण लेन-देन सामने आया था या नहीं। फिलहाल किसी एक कारोबारी या निजी कारण को उनकी मौत की वजह नहीं बताया गया है।
कर्मचारियों और परिचितों से होगी पूछताछ
नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, बंटी नागर का शव रविवार शाम उनके बेटे ने साकेत स्थित द मार्क बिल्डिंग के चौथे माले पर बने कार्यालय में देखा था। इसके बाद परिवार की ओर से पुलिस को सूचना मिली। पुलिस कार्यालय के कर्मचारियों, परिचितों और हाल में उनसे संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। परिजनों के बयान भी जांच में अहम होंगे।
पुलिस को संपत्ति विवाद और कारोबार से जुड़े कुछ लेन-देन की जानकारी मिली है। इन पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, लेकिन अभी इन्हें मौत के कारण से जोड़ने वाला कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। फोरेंसिक टीम ने कार्यालय से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है।
फिलहाल जांच का केंद्र उपलब्ध फुटेज, डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान हैं। पुलिस इन सभी जानकारियों को मिलाकर घटना से पहले का क्रम स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
