आगरा में दीपक चाहर के तीन बैट चोरी होने की शिकायत, वीडियो जारी कर लौटाने की अपील
दैनिक स्वराज वाणी | खेल डेस्क। भारतीय क्रिकेटर दीपक चाहर ने आगरा के अरतौनी स्थित चाहर डावर ग्राउंड से अपने तीन बैट चोरी होने की बात कही है। उनके अनुसार, ये तीनों प्लेयर एडिशन बैट थे और इनकी कुल कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये है। चाहर ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर बैट ले जाने वाले व्यक्ति से उन्हें वापस करने की अपील की है। उन्होंने बैट लौटाने पर पैसे देने की बात भी कही। घटना का वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच इसकी चर्चा हो रही है।
वीडियो में बताया तीन बैट गायब हैं
चाहर ने अपने वीडियो में बताया कि ग्राउंड से उनके तीन बैट गायब हो गए। उन्होंने कहा कि बैट काफी अच्छे और महंगे थे। चाहर ने यह आशंका भी जताई कि उन्हें ले जाने वाले व्यक्ति को शायद उनकी वास्तविक कीमत का अंदाजा न हो। वीडियो में उन्होंने लोगों से पूछा कि इस स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए। अपनी बात रखते हुए उन्होंने पुलिस में शिकायत करने का विकल्प भी उठाया।
चाहर का वीडियो बैट वापस पाने की अपील पर केंद्रित है। उन्होंने उन्हें लौटाने वाले को पैसे देने की पेशकश की है। हालांकि, पैसे की कोई निश्चित राशि सामने नहीं आई है। बैट किस समय और किन परिस्थितियों में गायब हुए, इसकी विस्तृत जानकारी भी अभी उपलब्ध नहीं है।
करीब 1.5 लाख रुपये बताई कीमत
चाहर के अनुसार, चोरी हुए तीनों बैट की कुल कीमत करीब 1.5 लाख रुपये है। उन्होंने इन्हें प्लेयर एडिशन बैट बताया है। खिलाड़ियों के लिए बैट केवल खेल का सामान नहीं होता; अभ्यास के दौरान उसके वजन, संतुलन और पकड़ के अनुरूप खेलने की आदत भी बनती है। इसलिए अपने इस्तेमाल के बैट गायब होने पर चाहर ने उन्हें वापस पाने की सार्वजनिक अपील की है। कीमत और बैट के प्रकार की जानकारी चाहर के बयान पर आधारित है।
वीडियो में चाहर ने लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने सवाल किया कि उन्हें पुलिस के पास जाना चाहिए या मदद के लिए किसी अन्य स्तर पर बात करनी चाहिए। उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में पुलिस को औपचारिक शिकायत दी गई है या नहीं। किसी पुलिस जांच या बैट की बरामदगी की पुष्टि भी सामने नहीं आई है।
ग्राउंड से बैट कैसे गायब हुए, जानकारी बाकी
प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, बैट आगरा के अरतौनी स्थित चाहर डावर ग्राउंड से गायब हुए। वहां उस समय कौन मौजूद था, बैट कहां रखे गए थे और घटना के बारे में सबसे पहले किसे पता चला, इन सवालों के जवाब अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हैं। बैट ले जाने वाले व्यक्ति की पहचान को लेकर भी कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिली है।
इन परिस्थितियों में घटना को चाहर द्वारा बताई गई चोरी की शिकायत के रूप में ही देखा जाना चाहिए। वीडियो से उनका पक्ष सामने आता है, लेकिन उससे यह तय नहीं होता कि बैट किसने और कैसे लिए। यदि मामले में शिकायत दर्ज होती है, तो आगे की जानकारी पुलिस या संबंधित पक्ष के आधिकारिक बयान से मिल सकेगी।
सोशल मीडिया के जरिए वापसी की उम्मीद
वीडियो साझा करने के पीछे चाहर का उद्देश्य बैट के बारे में जानकारी जुटाना और उन्हें वापस पाना है। उनकी अपील व्यापक रूप से साझा होने से संभव है कि किसी व्यक्ति तक बैट की पहचान या उनके ठिकाने की जानकारी पहुंचे। फिलहाल चाहर ने लोगों से इस मामले में सुझाव मांगे हैं और बैट लौटाने की अपील दोहराई है।
घटना ने खेल मैदानों में खिलाड़ियों के सामान की देखरेख का सवाल भी सामने रखा है। अभ्यास के दौरान एक साथ कई खिलाड़ी और सहयोगी मौजूद हो सकते हैं। ऐसे में बैट जैसे निजी सामान के गायब होने पर सही घटनाक्रम जानना जरूरी होता है। इस मामले में अभी तक उपलब्ध जानकारी चाहर के वीडियो और उससे जुड़ी रिपोर्टों तक सीमित है।
दीपक चाहर के बैट वापस मिले हैं या नहीं, इस पर कोई पुष्ट अपडेट सामने नहीं आया है। आगे की स्थिति उनकी ओर से दी जाने वाली जानकारी या किसी औपचारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल उन्होंने बैट ले जाने वाले व्यक्ति से उन्हें लौटाने का अनुरोध किया है और बदले में पैसे देने की पेशकश की है।
