Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानें 24, 22 और 18 कैरेट के रेट
सितंबर में सोना करीब 8 हजार और चांदी 14 हजार रुपये तक हुई सस्ती, मजबूत डॉलर और वैश्विक बाजारों के दबाव का असर
नई दिल्ली। Gold Silver Rate Today: सितंबर के महीने में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। महीने की शुरुआत में रिकॉर्ड स्तरों के आसपास कारोबार करने के बाद अब दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, सोमवार 28 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत में 10 ग्राम पर 4,133 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोने का भाव करीब 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
इसी कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। एक किलोग्राम चांदी का भाव 9,297 रुपये टूटकर करीब 2.23 लाख रुपये पर आ गया। सितंबर के दौरान अब तक सोने और चांदी दोनों में उल्लेखनीय कमी आई है। बाजार में इस गिरावट के पीछे मजबूत अमेरिकी डॉलर, वैश्विक बाजारों में बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों को प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।
आज कितना है 24 कैरेट सोने का भाव?
उपलब्ध IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,980 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई है। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,550 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत 1,10,985 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
24 कैरेट सोने को सबसे अधिक शुद्धता वाला सोना माना जाता है। हालांकि, आभूषण बनाने के लिए आमतौर पर 22 कैरेट और अन्य मिश्र धातुओं वाले सोने का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय केवल बाजार भाव ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य लागतों को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है।
अलग-अलग शहरों में सोने के भाव
सोने की कीमतों में शहर के अनुसार मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 24 और 22 कैरेट सोने के प्रति ग्राम भाव इस प्रकार हैं:
| शहर | 24 कैरेट सोना (₹/ग्राम) | 22 कैरेट सोना (₹/ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 15,031 | 13,779 |
| मुंबई | 15,016 | 13,764 |
| कोलकाता | 15,016 | 13,764 |
| चेन्नई | 14,908 | 13,665 |
| बेंगलुरु | 15,016 | 13,764 |
| हैदराबाद | 15,016 | 13,764 |
| केरल | 15,016 | 13,764 |
| पुणे | 15,016 | 13,764 |
| वडोदरा | 15,021 | 13,769 |
इन दरों में ज्वेलरी खरीदते समय लगने वाले मेकिंग चार्ज और अन्य कर शामिल नहीं होते। इसलिए ग्राहकों को अंतिम भुगतान से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से वास्तविक कीमत की पुष्टि करनी चाहिए।
सितंबर में कितना सस्ता हुआ सोना?
अगस्त के अंत में सोने की कीमत करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अब यह घटकर लगभग 1.48 लाख रुपये रह गई है। यानी सितंबर में अब तक सोने के भाव में करीब 8 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है।
सोने में इतनी बड़ी गिरावट निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। एक ओर कीमत कम होने से खरीदारी की लागत घट सकती है, वहीं दूसरी ओर निवेशकों के लिए बाजार में आगे की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सोने की कीमत केवल घरेलू मांग और आपूर्ति से तय नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरें, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और वैश्विक तनाव जैसे कई कारक इसके भाव को प्रभावित करते हैं।
चांदी भी 14 हजार रुपये तक सस्ती
चांदी की कीमतों में भी सितंबर के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 31 अगस्त को एक किलोग्राम चांदी का भाव करीब 2.37 लाख रुपये था, जो अब घटकर लगभग 2.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया है।
इस तरह महीने के दौरान चांदी करीब 14 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हुई है। वहीं सिर्फ 28 सितंबर को ही चांदी की कीमत में 9,297 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
चांदी को केवल निवेश कीमती धातु के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि इसका इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में भी होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई अन्य उद्योगों में चांदी की मांग रहती है। इसलिए इसकी कीमत पर औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों का भी प्रभाव पड़ सकता है।
मजबूत डॉलर ने सोने पर बनाया दबाव
सोने और चांदी में हालिया गिरावट के पीछे मजबूत अमेरिकी डॉलर को प्रमुख कारणों में बताया जा रहा है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि मजबूत डॉलर के कारण सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत आमतौर पर डॉलर में तय होती है। ऐसे में अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं में सोना अपेक्षाकृत महंगा हो सकता है, जिससे इसकी मांग और कीमत पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा वैश्विक बाजारों में निवेशकों की बिकवाली ने भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया।
कच्चे तेल में तेजी का भी असर
रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 108.53 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज स्ट्रेट के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई की संभावनाओं पर पड़ सकता है। इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति और निवेशकों की रणनीति पर भी पड़ सकता है।
ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों के बीच अपना निवेश पुनर्गठित करते हैं। इसका असर सोने और चांदी जैसे कमोडिटी बाजारों में भी देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी ब्याज दरों पर भी बाजार की नजर
सोने की कीमतों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति का भी असर रहता है। उपलब्ध रिपोर्ट में अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया है।
ब्याज दर बढ़ने पर अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाली परिसंपत्तियां निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकती हैं। ऐसे में सोने जैसी ऐसी परिसंपत्तियों पर दबाव आ सकता है, जिनसे नियमित ब्याज आय नहीं होती।
हालांकि, इसका प्रभाव हमेशा एक जैसा नहीं रहता। यदि वैश्विक स्तर पर आर्थिक या भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में सोने की ओर भी रुख कर सकते हैं। यही वजह है कि सोने की कीमत पर ब्याज दरों के साथ-साथ वैश्विक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की दिशा?
सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमत, फेडरल रिजर्व की नीतियां, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले समय में बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे।
भारत में त्योहारी सीजन के दौरान सोने की मांग में बदलाव भी घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, स्थानीय बाजार में वास्तविक कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा, रुपये की विनिमय दर, आयात लागत और घरेलू मांग सहित कई कारकों पर निर्भर करेगी।
ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि बाजार में बताए जाने वाले सोने के बेस रेट और दुकान पर मिलने वाले अंतिम आभूषण मूल्य में अंतर हो सकता है। मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क के कारण अंतिम कीमत अधिक हो सकती है।
नोट: ऊपर दिए गए भाव उपलब्ध स्रोत सामग्री में दिए गए IBJA आधारित आंकड़ों पर आधारित हैं। सोने-चांदी के भाव दिन के दौरान बदल सकते हैं और शहर, ज्वेलर, शुद्धता, मेकिंग चार्ज तथा टैक्स के अनुसार अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
