धमकी और ब्लैकमेलिंग से जुड़े मामलों को लेकर SIF बैतूल ने सौंपा ज्ञापन
आमला में SDM कार्यालय और पुलिस थाने पहुंचा संगठन, पुरुषों और उनके परिवारों का पक्ष सुनकर निष्पक्ष जांच की मांग
बैतूल। पुरुषों के अधिकार, सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर SIF बैतूल ने आमला में SDM कार्यालय और पुलिस थाने में ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पुरुषों और उनके परिवारों की शिकायतों को भी सुनने तथा किसी मामले में कार्रवाई से पहले तथ्यों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की।
दैनिक स्वराज वाणी रिपोर्ट, राकेश सिंह।
SIF बैतूल के अनुसार, संगठन वर्ष 2019 से पुरुष पीड़ितों और उनके परिवारों को निःशुल्क मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध करा रहा है। संगठन के संस्थापक डॉ. संदीप गोहे पिछले 13 वर्षों से पुरुष अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं।
झूठे मामलों और ब्लैकमेलिंग का मुद्दा उठाया
ज्ञापन में संगठन ने कथित रूप से झूठे एवं तथ्यहीन प्रकरण, कानूनी प्रावधानों के दुरुपयोग, साइबर फर्जी पहचान, यौन शोषण के नाम पर दबाव और ब्लैकमेलिंग, पारिवारिक एवं आर्थिक उत्पीड़न, धमकी तथा हिंसा जैसे मुद्दे उठाए।
संगठन ने मांग की कि किसी पुरुष के खिलाफ शिकायत मिलने पर कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार का पक्ष भी सुना जाए। साथ ही शिकायत से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जांच में किसी मामले में जानबूझकर झूठी शिकायत दर्ज कराकर सरकारी योजना, आर्थिक सहायता, भरण-पोषण या अन्य आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
गंभीर अपराधों में निष्पक्ष जांच की मांग
SIF ने हत्या, हत्या के प्रयास और हत्या की साजिश जैसे गंभीर मामलों में भी निष्पक्ष जांच की मांग रखी। संगठन का कहना है कि किसी भी शिकायत या आरोप की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
ज्ञापन में साइबर ब्लैकमेलिंग और पारिवारिक विवादों के कारण पुरुषों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने ऐसे मामलों में सहायता, परामर्श और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
हेल्पलाइन नंबर भी किया साझा
इस दौरान संगठन की ओर से पुरुष सहायता हेल्पलाइन नंबर 8882498498 साझा किया गया। संगठन के अनुसार, पीड़ित पुरुष और उनके परिवार इस नंबर पर निःशुल्क सहायता एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. संदीप गोहे ने अपील की कि किसी पुरुष को झूठे मामले में फंसाने की धमकी मिले या उसके खिलाफ मामला दर्ज हो, तो वह कानून अपने हाथ में न ले और किसी आपराधिक कदम से बचे। उन्होंने ऐसे मामलों में संगठन से संपर्क कर कानूनी एवं आवश्यक मार्गदर्शन लेने की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. संदीप गोहे, चंद्रप्रकाश झारे, छन्नू बेले, अशोक नागले, लखन लाल नागले, बली राम पठाये, निगम बेले सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
