युवा कलाकार भारतीय कला और संस्कृति को विश्व मंच तक पहुंचाएं: डॉ. भरत शर्मा
AAFT में फिल्म एवं कला के स्नातक विद्यार्थियों के प्रवेश समारोह में AI, नई तकनीक और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा
नोएडा। भारतीय कला, संस्कृति और रचनात्मक क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य डॉ. भरत शर्मा ने कहा कि युवा कलाकारों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक और रचनात्मकता का उपयोग कर भारतीय कला एवं संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाना चाहिए।
नोएडा स्थित एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) में फिल्म, कला एवं संस्कृति से जुड़े स्नातक पाठ्यक्रमों के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के प्रवेश समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नई तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रचनात्मकता और रोजगार की बदलती संभावनाओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और भगवान गणेश की वंदना तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मारवाह स्टूडियो के सभागार में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी, संस्थान के सदस्य और कला क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।
संस्कृति को रचनात्मक पूंजी बनाएं युवा
मुख्य अतिथि डॉ. भरत शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत देश की विविधता, परंपराओं और जीवन-दृष्टि को दर्शाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा को केवल करियर तक सीमित न रखते हुए कला के माध्यम से समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कलाकार के लिए तकनीकी दक्षता के साथ संवेदनशीलता, अनुशासन, मौलिक चिंतन और अपनी सांस्कृतिक जड़ों की समझ भी आवश्यक है। वर्तमान समय में फिल्म और कला के क्षेत्र में रोजगार तथा रचनात्मक अवसरों का दायरा तेजी से बढ़ा है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि पारंपरिक सिनेमा के अलावा OTT, डिजिटल कंटेंट, एनीमेशन, VFX, गेमिंग, फोटोग्राफी, म्यूजिक प्रोडक्शन, थिएटर, विज्ञापन, डिजिटल आर्ट और कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकें भी रचनात्मक क्षेत्रों में नए प्रयोगों की संभावनाएं खोल रही हैं।
उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि स्वतंत्र चिंतन, सृजनशीलता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति को समझने और अपनी कला के माध्यम से उसे दुनिया तक पहुंचाने का आह्वान किया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव पर जोर
समारोह में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म एवं टेलीविजन क्लब तथा संस्थान के अध्यक्ष संदीप मारवाह ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव और रचनात्मक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर चुके 35 हजार से अधिक विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय फिल्मों और कला के माध्यम से देश की लोक परंपराओं, महान व्यक्तित्वों, ऐतिहासिक विरासत और विविध सांस्कृतिक कथाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
संदीप मारवाह ने विद्यार्थियों को अनुशासन के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षा के साथ जीवन में अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति भी सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
अतिथियों का किया सम्मान
समारोह के दौरान संस्था के अध्यक्ष संदीप मारवाह ने डॉ. भरत शर्मा को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में एशियन एसोसिएशन ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन की डायरेक्टर डॉ. हिमानी चौधरी, डॉ. मनोज अग्रवाल, उद्योगपति राकेश खंडेलवाल, दीपक गोले, अजय शर्मा सहित संस्थान के सदस्य और कला प्रेमी मौजूद रहे।
समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को फिल्म एवं कला के पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ डिजिटल तकनीक और AI आधारित नए रचनात्मक अवसरों से परिचित कराया गया। साथ ही भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक माध्यमों के जरिए वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।
