अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद की 12 वर्षों से जारी संयम वंदन यात्रा का दूसरा चरण मध्यप्रदेश से शुरू हुआ। यात्रा विभिन्न शहरों से होते हुए 17 अक्टूबर को सूरत पहुंचेगी।
12 वर्षों से जारी ‘संयम वंदन यात्रा’ का दूसरा चरण मध्यप्रदेश से शुरू, श्रमण-श्रमणी भगवंतों से क्षमायाचना
झाबुआ से शुरू हुआ दूसरा चरण, मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से होते हुए देश के कई राज्यों तक पहुंचेगा यात्रा दल
इंदौर (ब्रजेश बोहरा)। युगप्रभावक गुरुदेव पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराज साहेब के समुदायवर्ती श्रमण-श्रमणी भगवंतों के दर्शन-वंदन, आशीर्वाद एवं क्षमायाचना के उद्देश्य से अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद परिवार द्वारा पिछले 12 वर्षों से ‘संयम वंदन यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी धार्मिक अभियान के तहत यात्रा के दूसरे चरण का शुभारंभ मध्यप्रदेश से किया गया है।
गुजरात-राजस्थान से गुजरा पहला चरण
यात्रा का पहला चरण 21 सितंबर को आनंद से प्रारंभ हुआ था। यात्रा अहमदाबाद, ऊंझा, डीसा, भाण्डवपुर, सायला, सियाणा, जालोर, आहोर और भिलडिया जी तीर्थ सहित विभिन्न स्थानों पर पहुंची। इस दौरान आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वरजी महाराज साहेब सहित विभिन्न स्थानों पर विराजमान श्रमण-श्रमणी भगवंतों के दर्शन-वंदन कर आशीर्वाद लिया गया।
झाबुआ से शुरू हुई मध्यप्रदेश की यात्रा
दूसरे चरण का शुभारंभ 25 सितंबर को झाबुआ से हुआ। परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुंबई-थराद श्रीसंघ के अध्यक्ष रमेशजी धरू के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षामंत्री भरतभाई व्होरा, राष्ट्रीय वैयावच्चमंत्री भरतभाई लाडू (अहमदाबाद), राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा (नागदा) सहित इंदौर परिषद के राजेश वागरेचा, धर्मचन्द्र बोहरा, अशोक श्री श्रीमाल तथा अन्य राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी यात्रा में सहभागी हो रहे हैं।
25 सितंबर को यात्रा झाबुआ, पारा, राजगढ़ एवं जयन्तसेन म्यूजियम मोहनखेड़ा होते हुए इंदौर पहुंची।
26 सितंबर को यात्रा इंदौर से उज्जैन होते हुए मोहनखेड़ा पहुंची, जहां गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहेब आदि ठाणा के दर्शन-वंदन कर क्षमायाचना की गई।
29 सितंबर तक मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचेगी यात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 सितंबर को यात्रा मोहनखेड़ा से कुक्षी, खट्टाली, बाग और रिंगनोद होते हुए पुनः मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचेगी।
28 सितंबर को मोहनखेड़ा म्यूजियम से लाबरिया, भाटपचलाना, खाचरौद, महिदपुर रोड एवं महिदपुर सिटी होते हुए नागेश्वर तीर्थ पहुंचने का कार्यक्रम है। 29 सितंबर को नागेश्वर तीर्थ से आलोट, मंदसौर और नीमच होते हुए यात्रा रतलाम पहुंचेगी, जहां से आगे का सफर रेल मार्ग से जारी रहेगा।
तीसरे चरण में दिल्ली, कानपुर और जयपुर पहुंचेगा दल
यात्रा के तीसरे चरण में 30 सितंबर को भरतपुर एवं मंडावर, 1 अक्टूबर को दिल्ली के विवेक नगर, 2 अक्टूबर को कानपुर तथा 3 अक्टूबर को जयपुर में श्रमण-श्रमणी भगवंतों के दर्शन-वंदन एवं आशीर्वाद का लाभ लिया जाएगा।
4 अक्टूबर को गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहेब की निश्रा में आयोजित अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में परिषद परिवार के सदस्य शामिल होंगे।
17 अक्टूबर को सूरत में होगा समापन
इसके बाद 11 अक्टूबर से यात्रा मुंबई, विजय नगर (बीजापुर), मैसूर, मदुराई, विजयवाड़ा और श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ तीर्थ सहित विभिन्न स्थानों पर पहुंचेगी। 17 अक्टूबर को सूरत में संयम वंदन यात्रा के इस क्रम का समापन प्रस्तावित है।
परिषद परिवार ने देशभर के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं नवयुवक साथियों से अपनी सुविधानुसार यात्रा के विभिन्न चरणों में शामिल होकर साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन, आशीर्वाद एवं क्षमायाचना का लाभ लेने का आह्वान किया है।

