अलीराजपुर में 21 वर्षीय युवक की हत्या का खुलासा, युवती समेत परिवार के तीन सदस्य गिरफ्तार
दैनिक स्वराज वाणी | ब्यूरो रिपोर्ट: खलील मंसूरी, अलीराजपुर
अलीराजपुर। चंद्रशेखर आजाद नगर थाना क्षेत्र के ग्राम अमनकुआं में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने के मामले में पुलिस ने एक युवती, उसकी मां और भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान मनीष पिता राजू डामोर के रूप में हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत और शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच की। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
शिवमंदिर के पास खेत की मेड़ पर मिला था शव
पुलिस को 20 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि ग्राम अमनकुआं के खोडअम्बा स्थित शिवमंदिर के समीप चेनसिंह के खेत की मेड़ पर एक अज्ञात युवक का शव पड़ा है। सूचना पर चंद्रशेखर आजाद नगर थाने में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। बाद में युवक की पहचान ग्राम अमनकुआं के कनेशनगलिया फलिया निवासी मनीष डामोर के रूप में हुई।
पहचान होने के बाद पुलिस ने मनीष के परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान पुलिस को मनीष और उसी मोहल्ले में रहने वाली अस्मीता के परिचय तथा उनके बीच संबंध की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, अस्मीता की सगाई अन्यत्र तय हो चुकी थी, लेकिन मनीष का उससे मिलना-जुलना जारी था। इस बात से अस्मीता के परिवार के लोग नाराज थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या का मामला दर्ज
शव मिलने के बाद मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चिकित्सक ने रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना बताया और शरीर पर चोट के निशान भी दर्ज किए। इस रिपोर्ट तथा जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर थाना चंद्रशेखर आजाद नगर में अपराध क्रमांक 400/2026, भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।
मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जोबट के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आशुतोष पटेल के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक एस.आर. तरोले के नेतृत्व में टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल, मृतक की पहचान और परिजनों तथा स्थानीय लोगों से मिली जानकारी को जांच में शामिल किया।
पूछताछ में घटना की रात के बारे में जानकारी मिली
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मनीष के सीने पर ‘अस्मीता’ नाम गुदा हुआ मिला। इसके बाद उस नाम की तलाश में पुलिस अस्मीता तक पहुंची। पूछताछ के आधार पर पुलिस का दावा है कि घटना की रात मनीष उससे मिलने उसके घर गया था। अस्मीता ने सगाई तय होने के कारण उससे मिलने से मना किया था।
पुलिस के मुताबिक, मनीष के घर आने की जानकारी अस्मीता के परिजनों को हुई तो उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान अस्मीता के भाई ने मनीष का गला घोंट दिया। इसके बाद अस्मीता और उसके भाई ने शव को चेनसिंह के खेत की मेड़ पर फेंक दिया। घटना के बारे में यह विवरण पुलिस जांच का पक्ष है; आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय करेगा।
तीन आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने जांच के आधार पर अस्मीता, उसकी मां और भाई को गिरफ्तार किया। तीनों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एस.आर. तरोले, सहायक उपनिरीक्षक दिनेश नरगावे और भूपेन्द्र नायक, प्रधान आरक्षक मडीया परमार, आरक्षक विजय लोहारे और भारत तथा महिला आरक्षक रूचिता की भूमिका रही।
शव मिलने से शुरू हुई जांच में पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर तीन लोगों को आरोपी बनाया है। अब प्रकरण में जुटाए गए साक्ष्यों का परीक्षण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
